
अल्मोड़ा। दन्या थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या कांड का अल्मोड़ा पुलिस ने खुलासा करते हुए मृतक की पुत्री और दामाद को जम्मू-कश्मीर के कटरा से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी घटना के बाद लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दरांती और खून से सनी कमीज भी बरामद कर ली है। विवेचना में मृतक की पत्नी की संलिप्तता नहीं मिलने पर उनका नाम मुकदमे से हटा दिया गया है। पुलिस के अनुसार सैली, तापनी निवासी नारायण दत्त की तहरीर पर दन्या थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि 20 जून की रात चन्द्रशेखर पर उसकी पुत्री जानकी पाण्डे, दामाद धर्मवीर शर्मा और पत्नी ने दरांती से हमला किया था। गंभीर रूप से घायल चन्द्रशेखर की 21 जून को हल्द्वानी में उपचार के दौरान मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी चन्द्रशेखर घोड़के के निर्देश पर तीन पुलिस टीमें गठित की गईं। पुलिस ने दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों में तलाश अभियान चलाया। करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में प्रयुक्त कार हिसार से बरामद की गई। इसके बाद आरोपियों के जम्मू-कश्मीर के कटरा में छिपे होने की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोनों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें अल्मोड़ा लाकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि मृतक द्वारा शादी से पहले पुत्री के साथ कथित अत्याचार किए जाने की रंजिश के चलते उन्होंने करीब एक माह पहले हत्या की योजना बनाई थी। गांव आने के लिए पैसे जुटाने हेतु धर्मवीर शर्मा ने अपनी सोने की अंगूठी तथा जानकी पाण्डे ने मंगलसूत्र और कान के झुमके बेच दिए। इसके बाद दोनों कार से गांव पहुंचे और दरांती से हमला कर चन्द्रशेखर को मृत समझकर फरार हो गए। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने कई स्थानों पर ठिकाने बदले और अंत में कटरा में छिप गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दरांती और खून से सनी कमीज बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार आरोपी धर्मवीर शर्मा के विरुद्ध हरियाणा में पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं तथा उसके आपराधिक इतिहास की अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।
