
हरिद्वार(आरएनएस)। उत्तराखंड की द्वितीय राजभाषा संस्कृत के प्रचार-प्रसार को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शासन के निर्देशों के अनुपालन में जनपद हरिद्वार के सभी शासकीय कार्यालयों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर अब हिंदी के साथ संस्कृत भाषा में भी नाम पट्टिकाएं और सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। इस संबंध में सभी विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने बताया कि मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन के निर्देशों के तहत संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत शासकीय कार्यालयों के अलावा बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे, राज्य के प्रवेश द्वार और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी द्विभाषीय नाम पट्टिकाएं स्थापित की जाएंगी। जिला प्रशासन ने जनपद के सभी कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे अपने कार्यालयों तथा अधीनस्थ कार्यालयों की नाम पट्टिकाओं को हिंदी के साथ संस्कृत भाषा में भी अंकित कराना सुनिश्चित करें। साथ ही कार्य पूर्ण होने के बाद उसकी फोटो संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि प्रगति की समीक्षा की जा सके। संस्कृत अनुवाद में किसी प्रकार की कठिनाई होने पर विभागों को सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा या जिलाधिकारी द्वारा नामित नोडल अधिकारी से सहयोग लेने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस पहल को संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे जनसामान्य के बीच संस्कृत के प्रयोग और पहचान को नई मजबूती मिलेगी।
