
हरिद्वार(आरएनएस)। ब्रह्मपुरी में रेलवे भूमि पर बनी 150 दुकानों को हटाने पहुंची रेलवे विभाग की टीम को सोमवार को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध में लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। बढ़ते विरोध को देखते हुए रेलवे की टीम बिना कार्रवाई किए लौट गई। रेलवे विभाग ने ललतारौ ब्रह्मपुरी क्षेत्र की 150 दुकानों को अतिक्रमण की जद में चिह्नित करते हुए कब्जाधारियों को दुकानें खाली करने का नोटिस जारी किए हैं। सोमवार को ब्रह्मपुरी में रेलवे विभाग जेसीबी और अन्य उपकरण लेकर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचा। इस दौरान सैकड़ों स्थानीय लोगों और नेताओं ने कार्रवाई का विरोध किया। मौके पर रेल मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए। लोगों ने मार्ग पर जाम लगा दिया। इस दौरान स्थानीय निवासी कमलेश ने बताया कि 63 साल से दुकान चला रही है। इतने सालों से कोई कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन अब नोटिस जारी किया जा रहा है। अनिता ने बताया कि 40 साल से दुकान चलाती है। दुकान तोड़ देंगे तो रोजी रोटी पर संकट बन जाएगा। नंदनी देवी ने बताया कि 50 साल से दुकान है। ब्रह्मपुरी में जन्म हुआ है। सालों बाद दुकानें तोड़ने का नोटिस जारी किया गया है। बताया कि कार्रवाई का विरोध किया जाएगा। दुकानों को तोड़ने नहीं देने। स्थानीय पार्षद सोहित सेठी ने बताया कि भूमि पर लोक निर्माण विभाग और रेलवे विभाग दोनों स्थानीय लोगों को नोटिस जारी कर रहे है। दोनों विभाग भूमि के स्वामित्व का दावा करते है। कहा कि लोगों की दुकानों को नहीं तोड़ने दिया जाएगा। मांग करते हुए कहा कि दुकानदारों को वैकल्पिक व्यवस्था दी जाए। बिना वैकल्पिक व्यवस्था बनाए, कार्रवाई करने पर विरोध किया जाएगा। वहीं स्थानीय लोगों के धरने प्रदर्शन और राजनेताओं के हस्तक्षेप के बाद रेलवे की टीम बिना कार्रवाई किए वापस लौट गई। इसके बाद लोगों का धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ। करीब दो घंटे बाद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सुचारू हो सकी। प्रदर्शन के दौरान पार्षद विवेक, पूर्व जिलाध्यक्ष युवा कांग्रेस कैश खुराना, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के शहर महामंत्री अमन शर्मा, दीपमाला, मिथिलेश, शोभित, केशव, अनंत, अरुण, राजू, विक्की, सुनील, राजीव, प्यारे, आशु सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
