
देहरादून। सहस्रधारा रोड, मयूर विहार एन्क्लेव में बिल्डर ने निर्माण के नाम पर बैंक से लोन लिया। उसे चुकाए बिना ही फ्लैट खरीदारों को बेचकर उनकी रजिस्ट्री कर दी। अब बैंक के अधिकारी बकाया वसूली के लिए फ्लैट मालिकों को बिल्डिंग सील करने और उन्हें घर से बेदखल करने की धमकियां दे रहे हैं। पीड़ितों की शिकायत पर रायपुर थाना पुलिस ने बुधवार को आरोपी बिल्डर और उसके सहयोगी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मयूर विहार एन्क्लेव स्थित फ्लैट मालिक हिमांशु ढल और ताजदार ने एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल को तहरीर दी। आरोप है कि उन्होंने बिल्डर वकील अनवर अंसारी को फ्लैट की पूरी कीमत चुका दी थी। बावजूद इसके, बिल्डर ने एचडीएफसी बैंक से लिया गया अपना लोन नहीं चुकाया और जालसाजी करते हुए उन्हें संपत्तियों की रजिस्ट्री कर दी। अब बैंक ने भवन पर जब्ती और सीलिंग का नोटिस चस्पा कर दिया है। बैंक कर्मियों के लगातार दबाव और उत्पीड़न के कारण मध्यमवर्गीय खरीदार और उनके परिवार गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। एक ओर जहां उन पर बैंक की बेदखली की तलवार लटक रही है, वहीं बिल्डर ने भवन में कई बुनियादी काम भी अधूरे छोड़ दिए थे। पीड़ितों के मुताबिक लिफ्ट लगाना, फाउंडेशन, गेट, पेंटिंग और पार्किंग में टाइल्स का काम अधूरा था। यहां तक कि पानी का लगभग दो लाख रुपये का बिल भी बकाया छोड़ दिया गया। इन सभी अधूरे कामों को पूरा करने के लिए फ्लैट मालिकों को अपनी गाढ़ी कमाई से करीब 16 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े हैं। एसएसपी के निर्देश पर रायपुर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी बिल्डर वकील अनवर अंसारी निवासी अमन विहार और उसके सहयोगी शान खान के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

