
रुद्रपुर(आरएनएस)। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर उप जिला चिकित्सालय सितारगंज में तैनात महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा सिद्दीकी, आस्था मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. जफर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्राम पिण्डारी निवासी बख्शीश सिंह पुत्र अजीत सिंह ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 21 जुलाई 2025 को उनकी 23 वर्षीय विवाहिता पुत्री काजल कौर पत्नी मनप्रीत सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर उप जिला चिकित्सालय सितारगंज ले जाया गया, जहां डॉ. नेहा सिद्दीकी ने उसे भर्ती किया। रात में डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड व अन्य जांच की बात कहकर मरीज को अपने साथ आस्था मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल ले जाने को कहा। आरोप है कि वहां डॉ. नेहा सिद्दीकी और डॉ. जफर ने ऑपरेशन से प्रसव कराने की बात कही और 26 हजार रुपये लिए, जबकि जांच व दवाइयों के नाम पर अतिरिक्त सात हजार रुपये वसूले। ऑपरेशन के बाद काजल ने पुत्र को जन्म दिया, लेकिन मां और नवजात की हालत बिगड़ गई। 22 जुलाई को नवजात को निजी अस्पताल के आईसीयू में भेजा गया, जबकि काजल की स्थिति गंभीर होने के बावजूद उसे वहीं रखा गया। बाद में नवजात को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। काजल को भी हालत बिगड़ने पर रेफर किया गया और अंततः देहरादून के जौलीग्रांट स्थित हिमालयन हॉस्पिटल भेजा गया, जहां 3 अगस्त को उसकी मौत हो गई। बख्शीश सिंह ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही व निजी स्वार्थ के कारण उनकी पुत्री की जान गई। सीओ बीएस धौनी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, सीएमओ के स्तर पर गठित जांच समिति ने भी प्रथम दृष्ट्या आरोपों की पुष्टि की है।

