

अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान में पेलिएटिव केयर सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली की विशेषज्ञ टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं, संसाधनों और मरीजों को दी जा रही सेवाओं का जायजा लिया गया।
एम्स नई दिल्ली से पहुंचे डॉ. वरुण शेखर और डॉ. सूरजपाल ने संस्थान में संचालित पेलिएटिव केयर सेवाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। विशेषज्ञों ने मरीजों को दी जा रही सुविधाओं और उपचार व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए संस्थान के प्रयासों की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उर्मिला पलड़िया, एनेस्थीसिया विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आदित्य चौहान, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. करणजोत, डॉ. उमंग शर्मा, डॉ. सायमा खान और डॉ. आशीष सिंह मौजूद रहे।
एम्स की टीम और संस्थान के चिकित्सकों के बीच पेलिएटिव केयर सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा भी हुई। बैठक में मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सहयोग देने के लिए तकनीकी और प्रशिक्षण संबंधी सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया।
निरीक्षण के बाद संस्थान के प्राचार्य डॉ. चंद्रप्रकाश भैंसोड़ा ने इस पहल को क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे सहयोगात्मक प्रयासों से पेलिएटिव केयर सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी।
संस्थान के अनुसार मेडिकल कॉलेज की टीम पहले भी एम्स नई दिल्ली और एचआईएमएस देहरादून में आयोजित पेलिएटिव केयर प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहभागिता कर चुकी है।


