
काशीपुर। बाजपुर चीनी मिल आवासीय परिसर में अवैध कब्जे हटाने पहुंची प्रशासन की टीम को मंगलवार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। जिला पंचायत सदस्य के नेतृत्व में लोग जेसीबी के आगे लेट गए, जिसके चलते ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकनी पड़ी और प्रशासन को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार चीनी मिल परिसर के करीब 100 आवासों पर लंबे समय से अवैध कब्जा है। इन कब्जाधारियों को कई बार नोटिस जारी कर परिसर खाली करने को कहा गया था। इसी क्रम में प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए अल्टीमेटम दिया था। मंगलवार को तहसीलदार प्रताप चौहान भारी पुलिस बल और जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन कार्रवाई शुरू होते ही विरोध तेज हो गया।
जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र शर्मा ‘सोनू’ और दलित नेता राजकुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और नारेबाजी करते हुए जेसीबी के आगे लेट गए। इस दौरान प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक बहस और गहमागहमी होती रही, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कड़ी परिस्थितियों में लोगों को अचानक बेघर करना मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से कम से कम चार माह का समय देने की मांग की, ताकि प्रभावित परिवार अपने रहने की वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कब्जा हटाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन समय दिया जाना जरूरी है।
तहसीलदार ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बढ़ते विरोध के चलते प्रशासन को कार्रवाई स्थगित कर वापस लौटना पड़ा।

