
अल्मोड़ा। सिविल सोयम वन प्रभाग अल्मोड़ा के अंतर्गत शनिवार को ‘प्रभाग दिवस’ का आयोजन किया गया, जिसमें मानव–वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, जन शिकायतों के निस्तारण, जन-जागरूकता और आगामी वनाग्नि सत्र को लेकर सतर्कता पर विशेष फोकस रहा। कार्यक्रम विभिन्न रेंजों में आयोजित किए गए, जहां स्थानीय लोगों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें जरूरी जानकारी और दिशा-निर्देश दिए गए।
बिनसर रेंज में आयोजित कार्यक्रम में 28 प्रतिभागियों ने भाग लिया। यहां मानव–वन्यजीव संघर्ष से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए ग्रामीणों को वन क्षेत्रों में आग न लगाने और किसी भी घटना की सूचना तत्काल विभाग को देने के लिए जागरूक किया गया। कोसी रेंज में 24 लोगों की मौजूदगी में ग्राम स्तर पर निगरानी तंत्र को सक्रिय रखने और सामुदायिक सहयोग से आग की घटनाओं की रोकथाम पर बल दिया गया, साथ ही विभागीय हेल्पलाइन की जानकारी भी साझा की गई।
जागेश्वर रेंज में 32 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही, जहां सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज पांच शिकायतों को मौके पर सुना गया और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। घने वन क्षेत्रों को देखते हुए अग्नि रेखाओं के संरक्षण और सतर्क निगरानी पर जोर दिया गया। कनारीछीना रेंज में 19 लोगों की भागीदारी के बीच चार शिकायतों पर सुनवाई करते हुए ग्रामीणों को खेतों की सफाई के दौरान आग का प्रयोग न करने की सलाह दी गई।
चौबटिया रेंज में 14 प्रतिभागियों के बीच आयोजित कार्यक्रम में बागानों और वन क्षेत्रों के आसपास ज्वलनशील सामग्री के सुरक्षित निस्तारण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। लमगड़ा रेंज में 16 लोगों को वनाग्नि से होने वाली पर्यावरणीय और आर्थिक क्षति की जानकारी दी गई तथा स्वयंसेवी अग्नि नियंत्रण दलों के गठन के लिए प्रेरित किया गया। वहीं गणनाथ रेंज में 12 प्रतिभागियों को पर्वतीय क्षेत्रों में आग के तेजी से फैलने की आशंका के प्रति जागरूक करते हुए समय पर सूचना देने और सहयोग के लिए प्रेरित किया गया।
प्रभाग के सभी रेंजों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से मानव–वन्यजीव संघर्ष और वनाग्नि की रोकथाम को लेकर व्यापक जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। साथ ही विभाग और स्थानीय लोगों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।
प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार धौलाखण्डी ने कहा कि प्रभाग दिवस का उद्देश्य विभाग और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, जिससे समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सके। उन्होंने बताया कि वनाग्नि सत्र को देखते हुए सभी रेंजों में सतर्कता बढ़ाई जा रही है और जनसहभागिता से ही प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

