Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • अल्मोड़ा
  • जागेश्वर धाम में सूखते गदेरे पर सिंचाई योजना की तैयारी से उठे सवाल
  • अल्मोड़ा

जागेश्वर धाम में सूखते गदेरे पर सिंचाई योजना की तैयारी से उठे सवाल

RNS INDIA NEWS 26/02/2026
rns featured image new

अल्मोड़ा। जागेश्वर धाम क्षेत्र में पवित्र जटागंगा के सहायक जनगड़ गदेरे पर प्रस्तावित सिंचाई योजना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी और हैरानी दोनों देखने को मिल रही है। जिस गदेरे में इस समय पानी नाममात्र का है, वहां सिंचाई विभाग द्वारा पाइपलाइन बिछाने की तैयारी किए जाने पर लोगों ने सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनगड़ गदेरे में वर्तमान में एक-दो इंच पानी भी नहीं है, इसके बावजूद विभाग चार इंच मोटी पाइपलाइन डालने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जिस स्थान पर यह योजना प्रस्तावित है, उसके ठीक नीचे पहले से ही जल संस्थान की पेयजल योजना संचालित हो रही है, जिससे जागेश्वर धाम और आसपास के क्षेत्रों को पानी की आपूर्ति होती है। इसी गदेरे से कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह तक भी पेयजल लाइन जुड़ी हुई है। लोगों का कहना है कि गर्मियों से पहले ही जटागंगा और उसका सहायक जनगड़ गदेरा सूखने की स्थिति में पहुंच जाता है। ऐसे में इसी स्रोत से सिंचाई योजना शुरू करना न केवल पेयजल व्यवस्था को प्रभावित करेगा, बल्कि धार्मिक महत्व की जटागंगा के अस्तित्व पर भी असर डाल सकता है। गुरुवार को जब ब्रह्मकुंड के ऊपर सड़क किनारे पाइप उतारे जा रहे थे, तभी स्थानीय लोगों को इस योजना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सूखते जलस्रोत पर सिंचाई योजना बनाना अव्यावहारिक है और इससे सरकारी धन की बर्बादी होगी। उन्होंने अधिकारियों से इस योजना को तत्काल रोकने और जटागंगा के सहायक गदेरे के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर तनुज वर्मा ने बताया कि उस गदेरे में पहले से पेयजल योजना संचालित होने की जानकारी हाल ही में उनके संज्ञान में आई है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को मौके का निरीक्षण किया जाएगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: नाबालिग के हाथ में स्कूटी देना पड़ा भारी, वाहन सीज कर 40 हजार का चालान
Next: अधिकारियों की सुरक्षा के बहाने जन आंदोलनों को दबाने की साजिश

Related Post

rns featured image new
  • अल्मोड़ा

ककलासों महोत्सव में डॉ. धाराबल्लभ पाण्डेय की पुस्तक ‘माँ, ममता और माटी’ का विमोचन

RNS INDIA NEWS 31/05/2026 0
rns featured image new
  • अल्मोड़ा

सड़क सुरक्षा और साइबर जागरूकता पर सल्ट पुलिस का अभियान

RNS INDIA NEWS 31/05/2026 0
WhatsApp Image 2026-05-31 at 18.57.36_11zon
  • अल्मोड़ा

विधिक जागरूकता शिविर में एसबीआई ने बांटी छड़ियां, श्रवण यंत्र और वाटर प्यूरीफायर

RNS INDIA NEWS 31/05/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 01 जून
  • घरेलू हिंसा के मामले की सुनवाई को पंहुची महिला से पति ने की अभद्रता
  • तीन दिन से लापता सिडकुल कर्मी का शव पेड़ से लटका मिला
  • मां-बेटे पर हमला, आठ लोगों पर केस दर्ज
  • अहिल्याबाई ने समाज सेवा की ऐसी मिसाल कायम की: हरीश रावत
  • पानी निकासी के विवाद में पड़ोसियों के बीच मारपीट, सात पर केस
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.