
विकासनगर(आरएनएस)। सहिया-त्यूणी 33 केवी हाईटेंशन लाइन पर पेड़ गिरने से क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति मंगलवार सुबह 10 बजे से ठप हो गई। बिजली बाधित होने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शाम करीब पांच बजे फॉल्ट को ठीक कर आपूर्ति सुचारु की गई। तब जाकर लोगों को राहत मिली।जानकारी के अनुसार सहिया, पाटन और मीनस के बीच हाईटेंशन लाइन में फाल्ट आने से त्यूणी विद्युत सब स्टेशन के अटाल, हनोल, त्यूणी बाजार, गेट बाजार, केराड़ और कथियान फीडर से जुड़े 60 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। वहीं सावड़ा सब स्टेशन से जुड़े सावड़ा, कोटी, कनासर और बुलहाड़ फीडर के 40 से अधिक गांव भी अंधेरे में डूबे रहे।क्षेत्र में रविवार शाम हुई बारिश और तूफान के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, जिसे सोमवार दोपहर करीब 20 घंटे बाद बहाल किया गया था। लेकिन मंगलवार को फिर से लाइन में फाल्ट आने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। त्यूणी, हनोल, मेंदरथ, अटाल, अणू, कढ़ग, मझोग, दारागाड़, सावड़ा, रोहटा और खड़ सहित कई घाटी क्षेत्रों में बिजली गुल रहने से लोग गर्मी से परेशान रहे। बिजली न होने से लोगों के मोबाइल फोन भी बंद हो गए। चौड़ाधार, बागी, हनोल, चिल्हाड़, काइनाधार और कथियान में लगे बीएसएनएल मोबाइल टावर भी ठप पड़ गए, जिससे संचार व्यवस्था प्रभावित हुई। ग्रामीण उपभोक्ताओं नरेंद्र नौटियाल, हितेंद्र नौटियाल, बारू नौटियाल, महावीर रावत, ललित रावत, मदन मोहन, वीरेंद्र, छजूराम, धन सिंह, महेश चौहान, रामानंद चौहान और कुंवर सिंह ने बताया कि लगातार बिजली कटौती से किसानों और बागवानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने ऊर्जा निगम से आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त रखने की मांग की है। जेई राज किशोर ने बताया कि विभागीय कर्मचारी मीनस-पाटन क्षेत्र में लाइन फाल्ट तलाशने में जुटे थे। बताया कि मनार खड्ड के पास हाइटेंशन लाइन पर पेड़ गिरने से फॉल्ट आ गया था। शाम करीब पांच बजे फाल्ट ठीक कर आपूर्ति सुचारु कर दी गई।
