
देहरादून(आरएनएस)। युवा आह्वान की ओर से आयोजित उत्तराखंड युवा विधानसभा के छठवें सत्र में सदस्यों ने प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की। यूसीएफ के प्रेक्षागृह में सत्र का शुभारंभ उच्च शिक्षा, सहकारिता और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने वर्चुअल माध्यम से किया। मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि युवाओं की सोच, ऊर्जा और भागीदारी से ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड को विकसित उत्तराखंड बनाया जा सकता है। धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कहा कि देश हो या प्रदेश, वह युवा सोच से ही आगे बढ़ता है, हमारी सरकार युवाओं के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ी है। युवा आह्वान के निदेशक रोहित ध्यानी ने बताया कि यह पहल युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने और भविष्य का नेतृत्व तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्था के अध्यक्ष प्रकाश गौड़ ने बताया कि वे पिछले आठ वर्षों से पहाड़ के युवाओं को मंच देकर उनके व्यक्तित्व निर्माण के लिए कार्य कर रहे हैं। सत्र के प्रथम दिन ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड से विकसित उत्तराखंड की ओर’ विषय पर विस्तृत चर्चा हुई, जो इस संस्करण की मुख्य थीम भी है। सदन की कार्यवाही पूरी तरह विधानसभा की तर्ज पर संचालित की गई, जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों ओर के युवा विधायकों ने अपने विचार रखे। पक्ष की ओर से युवा विधायक जाह्नवी गैरोला ने कहा कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देकर युवाओं को उनके अपने ही गांवों में रोजगार दिया जा सकता है, जिससे पलायन पर रोक लगेगी। युवा विधायक अमित महंत ने पर्यटन, होम-स्टे और स्थानीय उत्पादों को आत्मनिर्भर उत्तराखंड की रीढ़ बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वहीं, विपक्ष की ओर से युवा विधायक हिमांशु मेहता ने सरकार को घेरते हुए कहा कि कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर युवाओं को उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। युवा विधायक आशुतोष पंवार ने शिक्षा और रोजगार के अभाव को पलायन का मुख्य कारण बताते हुए इस पर ठोस नीति बनाने की मांग की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व यूसीएफ अध्यक्ष मातवर सिंह रावत ने की। इस मौके पर यूसीएफ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ल, उत्तराखंड फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राहुल लखेड़ा, युवा आह्वान के सलाहकार एवं संरक्षक मनोज ध्यानी, लक्ष्मण नेगी, प्रशांत बडोनी, अनुज रावत, संदीप काला, संकित राणा, कनिका नेगी, नवीन वर्मा, कमल मिश्रा और राहुल सती मौजूद रहे।

