
विकासनगर। कोटी कनासर प्रवास के लिए बाशिक महासू देवता की देव पालकी रविवार को विधि विधान पूर्वक गर्भ गृह से बाहर निकली। देव कारिंदे सुबह से ही प्रस्थान के आयोजन अनुष्ठान की शुरुआत करने में जुटे रहे। शुभ मुहूर्त 11 बजकर 41 मिनट पर पुजारी ने देव पालकी को गर्भ गृह से बाहर निकाला। करीब दो सौ साल बाद बाशिक महासू महाराज कोटी कनासर के प्रवास पर जा रहे हैं। मंदिर के पुजारी दयानंद शर्मा ने बताया कि रविवार को देवता ने मंदिर से प्रस्थान कर दिया है। प्रस्थान के दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्र वासियों ने देवदर्शन कर खुशहाली की मन्नतें मांगी। बताया कि 16 मई को देव पालकी दो दिन के प्रवास के लिए कोटी कनासर पहुंचेगी। जिसके बाद पूरे जेठ माह तक देवता प्रवास पर ही रहेंगे। इस दौरान कैमाड़ा मेला भी आयोजित किया जाएगा। शनिवार को बाणाधार गांव से देवता को लेने के लिए आठ हथवाड़ (कार सेवक) पहुंचे थे। रविवार सुबह खत कईलो, मैशोऊ और दुनोऊ से भी हथवाड़ मैंद्रथ मंदिर पहुंचे। चार महासू देवता के पुरोहित मोहनलाल सेमवाल ने बताया एक माह के प्रवास पूजन अनुष्ठान के तहत जखोली मेला, कैमाड़ा मेला आयोजित किया जाएगा। इस दौरान मंदिर के वजीर दीवान सिंह राणा, रिंकू पंवार, विरेंद्र सिंह, किशन सिंह, सुनील, रणेश्वर सिंह, पृथ्वी सिंह पंवार, बलवीर सिंह पंवार, आदित्य पंवार, पीतांबर सिंह, बलवीर राणा, सुल्तान, सतपाल आदि मौजूद रहे।


