Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • सुप्रीम कोर्ट ने उठाया प्रदूषित नदियों को सुधारने का बीड़ा
  • राष्ट्रीय

सुप्रीम कोर्ट ने उठाया प्रदूषित नदियों को सुधारने का बीड़ा

RNS INDIA NEWS 14/01/2021
rns featured image new

नदियों में प्रदूषण को लेकर पांच राज्यों को जारी किया नोटिस

नई दिल्ली ,14 जनवरी(आरएनएस)। देश की नदियों में प्रदूषण से व्यथित सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इन नदियों को सुधारने का बीड़ा उठाया। कोर्ट ने यमुना नदी से इसकी शुरुआत करने का निर्णय लिया है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने कहा है कि सीवर के पानी से दूषित हो रही नदियों को सुधारने का वक्त आ गया है।
दरअसल, यमुना में अमोनिया के खतरनाक स्तर पर दिल्ली जल बोर्ड की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सभी नदियों के प्रदूषण दूर करने का निर्णय लिया है। इस मसले को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए पीठ ने कहा है कि इसका असर न केवल आम जनता पर पड़ता है बल्कि उन सभी जीव जंतुओं पर पड़ता है जो भूजल पर आश्रित हैं। स्वच्छ पर्यावरण और प्रदूषणमुक्त पानी का अधिकार जीवन जीने के अधिकार के तहत संरक्षित है। ऐसा अक्सर देखने को मिलता है कि या तो सीवर के पानी का शोधन नहीं किया जाता है या शोधन प्लांट सही से काम नहीं कर रहे होते हैं। लिहाजा हमारे लिए स्वत: संज्ञान लेना आवश्यक हो गया है। यमुना नदी से इसकी शुरुआत करते हुए पीठ ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश को नोटिस जारी किया है। साथ ही पीठ ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव, आवासीय व शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया है। पीठ ने वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा को कोर्ट सलाहकार नियुक्त किया है। शीर्ष अदालत ने प्रदूषण बोर्ड को रिपोर्ट दाखिल कर यमुना के किनारे उन नगर पालिकाओं की पहचान करने के लिए कहा है जहां जरूरत के मुताबिक सीवर शोधन प्लांट नहीं है। बोर्ड को यह भी बताने के लिए कहा है कि प्रदूषण के अन्य क्या स्रोत हैं।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: देश के महानगरों में नहीं लोगों को कोरोना महामारी की परवाह
Next: राशिफल 15 जनवरी 2021

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

पश्चिम बंगाल सरकार की बड़ी घोषणाएं; महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 3 हजार रुपये, पांच रुपये में मछली-चावल

RNS INDIA NEWS 27/05/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

सनकी पति ने पत्नी और 3 मासूम बच्चों को उतारा मौत के घाट, खुद को भी किया लहूलुहान; हैरान कर देगी वजह

RNS INDIA NEWS 19/05/2026 0
SupremeCourtofIndia (1)_11zon
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

सार्वजनिक जगहों से हटाए जाएंगे आवारा कुत्ते, सुप्रीम कोर्ट ने अपना पुराना आदेश रखा बरकरार

RNS INDIA NEWS 19/05/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • न्यायालय के वारंटी अभियुक्त को द्वाराहाट पुलिस ने किया गिरफ्तार
  • ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 42 वाहनों के चालान और 10 सीज
  • सरकारी गूल और नहर में किया अवैध अतिक्रमण हटाया
  • बेटी और उसके मित्र पर बीमा राशि हड़पने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज
  • काली फिल्म लगे चार वाहनों पर कार्रवाई, मौके पर हटवाई गई फिल्म
  • रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री चौधरी और अध्यक्ष पपनै बने
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.