
हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एक सहायक प्रोफेसर के खिलाफ छात्र-छात्राओं और कुछ डॉक्टरों ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर छात्रों ने प्राचार्य को संबोधित 17 बिंदुओं का शिकायत पत्र तैयार किया है और जांच की मांग की है। प्राचार्य की अनुपस्थिति के चलते छात्रों ने फोन पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार छात्र शुक्रवार को शिकायत पत्र लेकर प्राचार्य से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उनके देहरादून प्रवास पर होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। अब शनिवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल प्राचार्य से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराएगा। प्राचार्य की ओर से मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आश्वासन दिया गया है।
छात्र-छात्राओं का आरोप है कि संबंधित सहायक प्रोफेसर कक्षा में अपमानजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। उन पर जातिगत और लैंगिक टिप्पणियां करने, छात्रों की जाति पूछने और उन्हें फेल करने या उपस्थिति कम दर्ज करने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। कुछ विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें निजी कक्ष में बुलाकर अनुचित सवाल पूछे जाते हैं और मानसिक दबाव बनाया जाता है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि पीजी डॉक्टरों के चरित्र पर टिप्पणी की जाती है, कुछ छात्रों के पहनावे को लेकर अनुचित टिप्पणियां की जाती हैं और एक छात्रा के साथ जातिगत भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया। एक दिव्यांग छात्रा पर भी अनुचित टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। छात्रों का कहना है कि इन घटनाओं से कॉलेज का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है और कई विद्यार्थी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों के साथ-साथ राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के एंटी-रैगिंग सेल और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत करेंगे।

