

विकासनगर। बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे रहे अभियान के दौरान ऊर्जा निगम ने दूसरी बार सिंचाई विभाग अवस्थापना खंड डाकपत्थर की ओर से चोरी की बिजली का मामला पकड़ा है। सिंचाई विभाग की ओर से नलकूप पर बिना कनेक्शन के बिजली का उपयोग किया जा रहा था। निगम कर्मियों की ओर से नलकूप तक ले जाई जा रही बिजली की तार को जब्त कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
पछुवादून में इन दिनों ऊर्जा निगम की ओर से बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। चोरी की बिजली के कनेक्शन काटे जाने के साथ ही बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। मंगलवार को ऊर्जा निगम कर्मियों ने डाकपत्थर क्षेत्र में बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाया। ऊर्जा निगम के एसडीओ अशोक कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग अवस्थापना खंड की ओर से बिना कनेक्शन के नलकूपों पर बिजली चोरी की शिकायत मिल रही थी। सुबह आठ बजे डाकपत्थर में सिंचाई विभाग के एक नलकूप पर छापा मारा गया। यहां बिना कनेक्शन के नलकूप संचालन के लिए बिजली का उपयोग होते हुए पाया गया। इसके लिए सिंचाई विभाग ने बिजली के पोल से सीधी केबल नलकूप तक पहुंचाई गई थी। बताया कि एक माह पूर्व भी सिंचाई विभाग के एक अन्य नलकूप पर चोरी की बिजली का उपयोग होते हुए पाया गया था, तब संबंधित अधिकारी के खिलाफ डाकपत्थर चौकी में मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप लगाया कि बावजूद इसके सिंचाई विभाग की ओर से भी अभी भी बिजली की चोरी बदस्तूर जारी है। एसडीओ ने बताया कि मंगलवार को बिजली चोरी पकड़े जाने पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। उधर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल वर्मा ने बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से सभी नलकूपों पर बिजली के कनेक्शन लिए गए हैं। 2019 तक सिंचाई विभाग के नलकूपों पर बिजली के कनेक्शन यूजेवीएनएल की ओर से दिए गए थे। अब यह जिम्मा यूपीसीएल के पास है। यूपीसीएल सिंचाई विभाग को कनेक्शन देने से पहले पुराने बिलों के भुगतान की मांग कर रहा है।

