Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • बचाव अभियान की सारी उम्मीदें हाई पावर ड्रिलिंग मशीन पर टिकी
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड

बचाव अभियान की सारी उम्मीदें हाई पावर ड्रिलिंग मशीन पर टिकी

RNS INDIA NEWS 15/11/2023
default featured image

प्रति घंटे पांच मीटर तक पाइप घुसा सकती है हाई पावर मशीन

उत्तरकाशी(आरएनएस)।  सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अन्य प्रयास फेल होने के बाद, अब बचाव अभियान की सारी उम्मीदें हाई पावर ड्रिलिंग मशीन पर टिक गई है।  एनएचएआईडीसीएल के डायरेक्टर अंशु मनीष खलको ने बताया कि हाई पावर ड्रिलिंग एक घंटे में पांच मीटर तक पाइप को मलबे के अंदर घुसा सकती है। उन्होंने बताया कि सुरंग के अंदर जितना मलबा साफ किया जा रहा है, उतना ही वापस आ रहा है। इस कारण अब सारा ध्यान पाइप के जरिए मजदूरों तक पहुंच बनाने पर फोकस किया जा रहा है। इसके लिए 25 टन वजनी हाई पावर स्टेट ऑफ दि आर्ट ड्रिल मशीन मौके पर पहुंचा दी गई है।  यह मशीन पाइप को प्रति घंटे पांच मीटर तक मलबे के अंदर पहुंचा सकती है। पहले ही पाइप तीन मीटर तक अंदर जा चुका है। अब भी करीब पचास मीटर मलबा बाकी है, इस तरह एक बार हाई पावर ड्रिल मशीन से काम शुरू होने पर मजदूरों तक पहुंचने में दस से 12 घंटे का समय लग सकता है। हालांकि अभी टीम को यह पता नहीं है कि अंदर मलबे में कोई मशीन या चट्टान तो नहीं फंसी है।
उन्होंने बताया कि मजदूरों से लगातार बात हो रही है, एक पाइप से खाना और दूसरे ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। मजदूरों का हौसला बढ़ाने के लिए लगातार उनके गांव के मजदूरों से भी बात कराई जा रही है। साथ ही संबंधित राज्य के अधिकारी भी मजदूरों से सम्पर्क बनाए हुए हैं। बचाव अभियान में कोई रुकावट पैदा न हो इसलिए सुरंग के अंदर जरूरी लोगों को ही रखा जा रहा है। बैकअप नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हर योजना का बैकअप प्लान भी उपलब्ध है, जो मशीन यहां उपलब्ध नहीं थी, उसे एयरलिफ्ट कर मंगाया गया है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: लस्या महोत्सव 26 नवम्बर को
Next: मिनिस्टीरियल कर्मचारियों के आंदोलन का 16 नवम्बर से आगाज

Related Post

default featured image
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण, पद्म पुरस्कारों की घोषणा

RNS INDIA NEWS 25/01/2026 0
Dhami pic new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

मन की बात कार्यक्रम का हर एपिसोड प्रेरणादायी होता है: सीएम धामी

RNS INDIA NEWS 25/01/2026 0
default featured image
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

सीएम धामी ने किया बाल विवाह मुक्ति रथ का फ्लैग ऑफ

RNS INDIA NEWS 24/01/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 28 जनवरी
  • घास काटते हुए महिला को लगा करंट, मौत
  • सीएम धामी के नेतृत्व में जनसेवा का रिकॉर्ड, 474 कैंपों से 3.77 लाख से अधिक लोग लाभान्वित
  • आठवें वेतनमान के लिए लामबंद हुए रेल कर्मचारी
  • ट्रक बिक्री का झांसा देकर 10.90 लाख रुपये ठगे
  • खटीमा के बिरिया मझोला में गुलदार के हमले में महिला घायल

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.