
अल्मोड़ा। शिक्षा विभाग में लगातार दूसरे वर्ष सामान्य स्थानांतरण नहीं होने पर एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल ऑफिसर्स एसोसिएशन कुमाऊं मंडल नैनीताल के पूर्व मंडलीय सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर शिक्षा विभाग के सामान्य कार्मिकों के भी स्थानांतरण कराने की मांग की है। प्रेस को जारी बयान में पाठक ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की निर्णय लेने में असमर्थता के कारण वार्षिक स्थानांतरण लगातार दूसरे वर्ष भी प्रभावित हुए हैं। सरकार ने वर्ष 2017 में सभी विभागों के लिए वार्षिक स्थानांतरण नीति लागू की थी। इसके तहत अन्य विभागों में सुगम और दुर्गम के आधार पर स्थानांतरण हुए, लेकिन शिक्षा विभाग में सुगम-दुर्गम को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर होने के बाद प्रक्रिया अटक गई। उन्होंने कहा कि विभाग दो वर्ष में इस मामले का समाधान नहीं कर सका। न्यायालय ने अन्य आधार पर स्थानांतरण करने के निर्देश दिए, लेकिन उच्चाधिकारी उस आधार पर भी स्थानांतरण नहीं कर सके। वर्तमान में केवल पांच श्रेणियों में स्थानांतरण के प्रस्ताव मांगे गए हैं और सामान्य स्थानांतरण लगातार दूसरे वर्ष छोड़ दिए गए। पाठक ने कहा कि ऐसी स्थिति रही तो वर्ष 2027 में भी यही समस्या सामने आ सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि शिक्षा विभाग के कार्मिकों के लिए सामान्य स्थानांतरण की व्यवस्था की जाए, ताकि लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को भी राहत मिल सके। साथ ही फारगो नियमावली से वंचित कार्मिकों को पदोन्नति का अवसर देने की मांग की, ताकि उनके साथ न्याय हो सके।
