
काशीपुर(आरएनएस)। जिला उपभोक्ता आयोग ने बैंक को गोल्ड लोन के लिए गिरवी रखे सोने के आभूषणों की कीमत छह प्रतिशत साधारण ब्याज समेत महिला को लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने गिरवी रखे आभूषणों की सुरक्षा न करने और उन्हें वापस न लौटाने को उपभोक्ता सेवा में कमी माना। जसपुर निवासी शीतल अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता नदीम उद्दीन ने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था। इसमें बताया गया कि शीतल अग्रवाल ने व्यक्तिगत आवश्यकता के लिए बैंक की जसपुर शाखा में अपने स्वर्ण आभूषण गिरवी रखकर 3.22 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया था। उन्होंने नवंबर 2020 में ब्याज समेत 3.98 लाख रुपये का भुगतान कर लोन चुका दिया।
वर्ष 2023 में आभूषणों की आवश्यकता होने पर शीतल अग्रवाल ने बैंक से गिरवी रखे आभूषण वापस करने के लिए लिखित प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन बैंक ने न तो आभूषण लौटाए और न ही इसका वैध कारण बताया। इसके बाद उन्होंने अधिवक्ता नदीम उद्दीन के माध्यम से आयोग में परिवाद दायर कर आभूषण वापस दिलाने और सेवा में कमी से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की। जिला उपभोक्ता आयोग ने परिवादिनी के अधिवक्ता और बैंक के अधिवक्ता के तर्क सुने। आयोग ने गिरवी रखे स्वर्ण आभूषणों को सुरक्षित न रखने और वापस न करने को सेवा में कमी माना। आयोग ने बैंक को आभूषणों के बदले उनकी बाजार कीमत के अनुसार धनराशि छह प्रतिशत साधारण ब्याज समेत परिवादिनी को देने का आदेश दिया।
