


हरिद्वार(आरएनएस)। राजकीय शिक्षक संघ हरिद्वार ने जनपद के विभिन्न शिक्षा अधिकारियों पर शिक्षकों के कार्यों में बिना वजह विलंब करने, परेशान करने और अनावश्यक दबाव बनाने का आरोप लगाया है। संगठन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार करने और शिक्षकों के लंबित प्रकरणों का निस्तारण करने की मांग की है। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष लोकेश कुमार ने बताया कि जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय और सभी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली शिक्षक हित में नहीं है। शिक्षकों के जायज और होने वाले कार्य भी महीनों तक नहीं किए जा रहे हैं। इससे शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने शिक्षिकाओं को मिलने वाले बाल्य देखभाल अवकाश का मामला भी उठाया है। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की ओर से शिक्षिकाओं को उनके बच्चों की परीक्षाओं आदि के लिए बाल्य देखभाल अवकाश दिया गया है, लेकिन कुछ अधिकारी hierin मनमाने ढंग से रोक लगा रहे हैं। संगठन ने इसे अनुचित और आपत्तिजनक बताया है।
जिला मंत्री विवेक सैनी ने बताया कि स्कूल समय समाप्त होने के बाद भी प्रभारी प्रधानाचार्यों, जो स्वयं शिक्षक हैं, पर तत्काल सूचना देने का दबाव बनाया जाता है। इसके साथ ही विभिन्न ऑनलाइन ऐप पर आने वाले पाठ्यक्रम को तत्काल पूरा करने के आदेश दिए जाते हैं। ऐसा नहीं होने पर वेतन रोकने की धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि संगठन इसे बिल्कुल स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि संगठन अपने शिक्षकों के साथ है और शीघ्र ही विभागीय मंत्री से मिलकर जनपद की सारी गतिविधियों को उनके समक्ष रखेगा। चेतावनी दी कि यदि जनपद और खंड स्तरीय कार्यालयों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो शिक्षक संघ, मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय और सभी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों पर भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन करेंगे।

