


हरिद्वार(आरएनएस)। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े की ओर से उत्तराखंड और चारों धाम की यात्रा पर निकलने वाली पावन छड़ी यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा की व्यवस्थाओं, सुरक्षा, मार्ग व्यवस्था और प्रशासनिक सहयोग को लेकर हिमालय पीठाधीश्वर श्री महंत वीरेंद्र आनंद गिरि के नेतृत्व में संतों के प्रतिनिधिमंडल ने गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त को ज्ञापन भी सौंपा। संतों ने छड़ी यात्रा की तैयारियों को लेकर प्रशासन के साथ विभिन्न बिंदुओ पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पवित्र छड़ी यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि उत्तराखंड के तीर्थों और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली संकल्प यात्रा है। यात्रा के दौरान सीमांत क्षेत्रों में पलायन रोकने, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, बिजली व यातायात जैसी मूलभूत सुविधाओं की संभावनाओं पर भी काम किया जाता है। हिमालय पीठाधीश्वर श्री महंत वीरेंद्र आनंद गिरि महाराज ने कहा कि सीमांत गांव देश की सुरक्षा की पहली पंक्ति हैं।इन क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से पलायन रोकने में मदद मिलेगी और तीर्थाटन को भी नया आयाम मिलेगा। उन्होंने प्रशासन से छड़ी यात्रा को सुगम और सफल बनाने में सहयोग की अपेक्षा जताई। गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने प्रतिनिधिमंडल को यात्रा के सफल आयोजन के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा के उद्देश्यों से शासन भी सहमत है। तीर्थ विकास के साथ सीमांत क्षेत्रों के विकास का यह प्रयास अनुकरणीय है। प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष श्री महंत महेश पुरी महाराज और कोठारी महंत भीष्म गिरि महाराज समेत अन्य साधु-संत मौजूद रहे।

