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स्कूली छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को बीस साल कठोर कैद की सजा

RNS INDIA NEWS 14/07/2026
judge hammer

देहरादून(आरएनएस)। 12 वर्षीय स्कूली छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने मंगलवार को बीस साल कठोर कैद की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) की जज मंजू सिंह मुंडे की अदालत ने दोषी पर कुल 1.10 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने का आधार पीड़िता के सेनेटरी पैड मिली डीएनए सैंपल रिपोर्ट रही। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार के अनुसार घटना 27 फरवरी 2025 की है। बसंत विहार थाना क्षेत्र के एक स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 12 वर्षीय छात्रा सुबह घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। पीड़िता के पिता ने 28 फरवरी 2025 को थाना बसंत विहार में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना के दौरान पुलिस और पीड़िता के पिता ने तीन दिन बाद उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के पास एक गांव से आरोपी मनोज कुमार के कब्जे से पीड़िता को सकुशल बरामद किया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। आरोपी छात्रा को बहला-फुसलाकर देहरादून आईएसबीटी से बस के जरिए अलीगढ़ अपनी बहन के घर ले गया था और वहां उसके साथ कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए थे। पुलिस ने चार्जशीट फाइल की तो केस ट्रायल पर आया। अभियोजन ने कुल सात गवाह पेश किए। जिनमें पीड़िता, उसके पिता, मेडिकल परीक्षण करने वाली डॉ. हुमा परवीन, स्कूल की शिक्षिका और विवेचक शामिल थे। स्कूल के एसआर रजिस्टर और जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर साबित हुआ कि घटना के समय पीड़िता की उम्र महज 12 वर्ष के करीब थी। इसके अलावा एफएसएल की डीएनए रिपोर्ट ने आरोपी के झूठ को पूरी तरह बेनकाब कर दिया। पीड़िता के सेनेटरी पैड से मिले मिक्स डीएनए का मिलान आरोपी मनोज कुमार के ब्लड सैंपल से हो गया, जिसे अदालत ने दोषसिद्धि का आधार माना।

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