
हल्द्वानी(आरएनएस)। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ (लोक निर्माण विभाग) की कार्यकारिणी की पहली बैठक शुक्रवार को बद्रीपुरा स्थित संघ भवन में संपन्न हुई। जनपद अध्यक्ष अभियंता प्रवीण कुमार की अध्यक्षता और सचिव अभय बालियान के संचालन में हुई इस बैठक में जिलेभर से पहुंचे अधिकारियों ने विभागीय समस्याओं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया। बैठक के दौरान पीएमजीएसवाई खंड लोक निर्माण विभाग में कार्यरत सहायक अभियंता नरेश उपाध्याय के साथ ओखलकांडा के प्रमुख द्वारा कार्यस्थल पर की गई अभद्रता का मामला प्रमुखता से छाया रहा। सदस्यों ने इस घटना पर तीव्र आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे बेहद अमर्यादित करार दिया।संघ ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ अविलंब दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होगा। इसके साथ ही बैठक में ईपीसी मोड के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों में कनिष्ठ एवं अपर सहायक अभियंताओं का सीधा नियंत्रण न होने का विषय भी उठाया गया। सदस्यों ने रोष प्रकट किया कि बिना सीधा नियंत्रण के भी कार्यों में गुणवत्ता की कमी आने पर सारा ठीकरा डिप्लोमा इंजीनियरों पर फोड़ा जाता है, जिससे उनकी सामाजिक छवि धूमिल होती है। संघ ने इस व्यवस्था में सुधार के लिए एक स्पष्ट नीति बनाए जाने की जोरदार मांग की। वहीं, पीएमजीएसवाई काठगोदाम के सदस्यों ने अपने कार्यक्षेत्र को दुर्गम श्रेणी में रखने की मांग रखी। उनका तर्क था कि उनका कार्यक्षेत्र धारी और नैनीताल खंड के अधीन विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले ब्लॉकों में आता है, जिन्हें हाल ही में प्रमुख अभियंता द्वारा दुर्गम घोषित किया गया है, इसलिए काठगोदाम खंड को भी दुर्गम श्रेणी में शामिल किया जाना न्यायसंगत होगा। इस बैठक में प्रांतीय सचिव राजेन्द्र गिरि, मंत्री प्रोन्नत मनोज महतोलिया, महासंघ पदाधिकारी सुरेश डंगवाल, महिला उपाध्यक्ष ममता गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

