
कोटद्वार(आरएनएस)। नैनीडांडा ब्लॉक के अंतर्गत 33 किलोमीटर लंबे केलधार सुपगढ़-गौला वल्ला मोटर मार्ग पर रोड कटिंग के बाद भी डामरीकरण नहीं किया गया है। क्षेत्र के करीब 10 गांवों के ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई वर्षों से सड़क कच्ची पड़ी है और शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। बखरोटी के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय शंकरपुर से बसेड़ी तक 14 किलोमीटर सड़क की कटिंग की गई थी। इसके आगे सड़क सुविधा न होने से बखरोटी, बसेड़ी, बड़ेत पल्ला, भुंड, गंगोली, गौला बिचला, गौला छोटा, पंजेरी मोक्षण, रचेल मोक्षण, उनियाल मोक्षण और विजयगांव के ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2007-08 में शासन ने भुंड तक चार किलोमीटर सड़क निर्माण को स्वीकृति दी थी।इसके बाद कमेड़ा तक 2.5 किलोमीटर सड़क का विस्तारीकरण किया गया और वर्तमान में मार्ग कमंदा तक पहुंच चुका है। कई चरणों में रोड कटिंग का कार्य पूरा होने के बावजूद आज तक सड़क का डामरीकरण नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों को कच्चे और उबड़-खाबड़ मार्ग से आवाजाही करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द डामरीकरण कर सुरक्षित और सुगम यातायात की सुविधा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मोटर मार्ग के 13वें और 14वें किलोमीटर के बीच कुल दो किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण प्रस्तावित था लेकिन विभाग ने केवल लगभग आधा किलोमीटर चौड़ीकरण कर कार्य बंद कर दिया। ग्रामीणों ने अधूरे कार्य को शीघ्र पूरा कराने की मांग उठाई है।
