Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य सरकार से जुड़ा व्यक्ति नहीं बन पाएगा चुनाव आयुक्त
  • राष्ट्रीय

राज्य सरकार से जुड़ा व्यक्ति नहीं बन पाएगा चुनाव आयुक्त

RNS INDIA NEWS 13/03/2021
rns featured image new

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

नई दिल्ली (आरएनएस)। हाल ही में केंद्रीय चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक को बदला है। इसके बाद से राज्य की ममता बनर्जी सरकार लगातार आयोग पर भेदभाव का आरोप लगा रही है। इसी मामले पर देश के सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि चुनाव आयोग देश के संविधान के नियमों के प्रति जवाबदेह है और उसका निष्पक्ष होना बेहद आवश्यक है। इसलिए कोई भी राज्य सरकार अपने किसी भी सेवारत नौकरशाह को चुनाव आयोग का अतिरिक्त प्रभार नहीं सौंप सकती है। अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को चुनाव आयुक्त नियुक्त करना देश के संविधान के खिलाफ है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय ने गोवा सरकार के एक सचिव को राज्य के चुनाव आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार देने के मामले पर सुनवाई करने के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि जो शख्स सरकार में कोई पद संभाल रहा हो उसे राज्य के चुनाव आयुक्त के पद पर कैसे नियुक्त किया जा सकता है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन ने की और गोवा सरकार के इस कदम पर सवाल उठाया। उन्होंने अपने आदेश में यह भी कहाकि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया जा सकता है।
अदालत ने आदेश में कहा कि सरकार में किसी पद को संभाल रहे व्यक्ति को राज्य चुनाव आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपना संविधान की भावना के खिलाफ है। गौरतलब है कि राज्य के कानून सचिव को चुनाव आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया था। जिसके बाद उन्होंने जिला पंचायत के चुनावों में नए सिरे से आरक्षण लागू किया था। उनके इसी कानून को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी, जिस पर अदालत ने चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को संविधान की भावना के विरुद्ध बताया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष फरवरी में गोवा में जिला पंचायत चुनाव कराए गए थे। चुनाव में लागू आरक्षण प्रक्रिया से नाखुश लोगों ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। वहां से होते हुए यह प्रकरण एक वर्ष में सर्वोच्च न्यायालय तक जा पहुंचा था।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: संसदीय समिति की केवीएस, एनवीएस, सीबीएसई, एनसीईआरटी में रिक्तियां भरने की हुई सिफारिश
Next: बाघ की खाल तस्करी करते पुलिस के दो एएसआई सहित 8 गिरफ्तार

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला, ई-20 अनुकूल कार नहीं देने पर कंपनी को झटका, नई कार देने का दिया आदेश

RNS INDIA NEWS 16/07/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 19वें दिन में प्रवेश, तबीयत बिगड़ी

RNS INDIA NEWS 16/07/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

अंकित शर्मा हत्याकांड: आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 आरोपी दोषी करार, 6 आरोपी बरी

RNS INDIA NEWS 13/07/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • 2031 तक पूरा करें लखवाड़ बांध परियोजना का निर्माण: मुख्य सचिव
  • शक्ति नहर में डूबे युवक का पांच दिन बाद मिला शव
  • हरेला पर हरिद्वार पुलिस ने शुरू किया 10 हजार पौधारोपण का अभियान
  • शैक्षिक प्रगति ही संस्थान की उन्नति का मूल आधार: कुलपति
  • विमलेंद्र सिंह सुसाइड केस में पत्नी और साले पर मुकदमा दर्ज
  • हरेला पर एसएसजे परिसर में चला वृहद पौधारोपण एवं स्वच्छता अभियान
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.