Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • नवजात की असमय विदाई, लेकिन मानवता की अमर मिसाल बनी
  • देहरादून

नवजात की असमय विदाई, लेकिन मानवता की अमर मिसाल बनी

RNS INDIA NEWS 13/01/2026
default featured image

नवजात की असमय मृत्यु के बाद दंपती ने किया देहदान, मानवता की मिसाल पेश की

ऋषिकेश (आरएनएस)। एम्स ऋषिकेश में उपचार के दौरान एक नवजात की असमय मृत्यु के बाद उसके माता-पिता ने गहरे शोक के बीच मानवता का परिचय देते हुए नवजात का देहदान कर चिकित्सा शोध में योगदान दिया। इस संवेदनशील निर्णय की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।

नेत्रदान कार्यकर्ता और लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग ने बताया कि चमोली निवासी संदीप राम की पत्नी हंसी ने दो जनवरी को श्रीनगर में एक नवजात शिशु को जन्म दिया था। जन्म के बाद शिशु में जन्मजात महावृहदान्त्र, जिसे हिर्शस्प्रुंग रोग कहा जाता है, की पुष्टि हुई। इस रोग में आंतों में तंत्रिका गुच्छों का अभाव होता है और यह अपेक्षाकृत दुर्लभ माना जाता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नवजात को श्रीनगर से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया।

एम्स ऋषिकेश में शिशु का ऑपरेशन किया गया और प्रारंभिक रूप से उसकी जान बचाई गई, लेकिन ऑपरेशन के तीन दिन बाद रिफ्रैक्टरी सेप्टिक शॉक के कारण नवजात की मृत्यु हो गई। इस दुखद स्थिति में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर स्वजन एम्स ऋषिकेश के सीनियर नर्सिंग ऑफिसर मोहित और महिपाल से संपर्क में आए। उनकी पहल पर मोहन फाउंडेशन उत्तराखंड के प्रोजेक्ट लीडर संचित अरोड़ा को सूचना दी गई।

गोपाल नारंग के अनुसार संचित अरोड़ा ने शोकाकुल दंपती को देहदान के महत्व के बारे में जानकारी दी और बताया कि इससे चिकित्सा शोध और मानव कल्याण के कई कार्यों में सहायता मिल सकती है। विचार-विमर्श के बाद दंपती ने मृत नवजात के देहदान की सहमति दी।

इसके बाद एम्स ऋषिकेश के एनाटॉमी विभाग के अध्यक्ष मुकेश सिंगला और प्रोफेसर रश्मि मल्होत्रा से संपर्क किया गया। उनके निर्देशन में तकनीकी सहायक अजय रावत ने आवश्यक कागजी कार्यवाही पूरी कर नवजात की देह विभाग को सौंपने की प्रक्रिया संपन्न कराई। इस अवसर पर राजू बोकन, अजय रावत, ऋषभ पंचाल, विजय जुनेजा, अरुण शर्मा, सुरेश, स्नेह कुमारी, रूपेंद्र और नेहा सकलानी ने नवजात की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और दंपती के इस मानवीय निर्णय की सराहना की।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: 10 मिनट डिलीवरी के वादे पर सरकार ने लगाया ब्रेक, कंपनियों को विज्ञापनों से हटानी पड़ी समय सीमा
Next: आंगनबाड़ी सहायिका से 45 तोला सोना और 5.50 लाख ठगे

Related Post

default featured image
  • देहरादून

कचरा मैन बन स्वयं सेवियों ने निकाली स्वच्छता जागरूकता रैली

RNS INDIA NEWS 13/01/2026 0
default featured image
  • देहरादून

वन विहार लूटकांड का खुलासा, पीड़ित का रिश्तेदार निकला साजिशकर्ता

RNS INDIA NEWS 13/01/2026 0
default featured image
  • देहरादून

अंकिता हत्याकांड की जांच पर उठाए सवाल

RNS INDIA NEWS 13/01/2026 0

[display_rns_ad]

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 14 जनवरी
  • किसान की आत्महत्या सरकार की विफलता का प्रमाण: प्रीतम
  • कचरा मैन बन स्वयं सेवियों ने निकाली स्वच्छता जागरूकता रैली
  • आपसी विवाद में युवक को मारी गोली, गंभीर घायल
  • चोरी के शक में मजदूर की पीट-पीटकर हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार
  • वन विहार लूटकांड का खुलासा, पीड़ित का रिश्तेदार निकला साजिशकर्ता

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.