
नई टिहरी(आरएनएस)। टीएचडीसी के अधीन कार्य कर रही निटकॉन कंपनी में नौकरी लगाने के नाम पर 2.10 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित बेरोजगार युवकों ने पुलिस को दी तहरीर में आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पिपोला निवासी अंकित कंडवाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया गया कि वह रुद्रपुर में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। इस दौरान उसके चाचा कैलाश चंद ने बताया कि गोविंद रतूड़ी नाम का एक व्यक्ति खुद को टीएचडीसी में कार्यरत बताता था। वह कुछ पैसे लेकर नौकरी लगा रहा है। उन्होंने खुद भी उस व्यक्ति को नौकरी लगाने के लिए 30 हजार रुपये दिए हैं। पीड़ित ने बताया कि उसके भाई अमित कंडवाल भी आरोपी गोविंद से अगस्त 2025 में मिला था। तब उसने टीएचडीसी के अधीन कार्य कर रही कंपनी निटकॉन में नौकरी लगाने का आश्वासन दिया था। नौकरी लगाने के बदले उसने हमसे 60 हजार रुपये मांगे। पीड़ित ने कहा कि नौकरी लगने के लालच में दोनों भाइयों ने आरोपी को अलग-अलग तिथियों में गूगल पे कर 60 हजार रुपये दे दिए। पैसे लेने के बाद आरोपी गोविंद ने निटकॉन कंपनी में नौकरी लगाने का नियुक्ति पत्र दे दिया और छह नवंबर को आने को कहा। हम दोनों भाई नवंबर में उससे मिलने गए तो वह टालमटोल करने लगा। कई दिनों बाद पता चला कि गोविंद रतूड़ी फ्रॉड व्यक्ति है। जानकारी मिली कि उसने हम दोनों भाइयों के अलावा नौकरी लगाने के नाम पर पिपोला गांव के छह-सात लोगों से करीब 2.10 लाख रुपये लिए हैं। इसी तरह छोलगांव और अन्य गांव के लोगों से भी उसने नौकरी के नाग पर ठगी की है। पीड़ित बेरोजगार युवकों ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपी गोविंद रतूड़ी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उनसे ठगी की गई 2.10 लाख रुपये वापस दिलाने की गुहार लगाई है।

