
हरिद्वार(आरएनएस)। मातृ मृत्यु की रोकथाम और सुरक्षित मातृत्व को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में गुरुवार को कलक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने प्रत्येक गर्भवती महिला की नियमित एएनसी जांच और फॉलोअप सुनिश्चित करने के साथ हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच, उपचार और प्रसव संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए ईडीडी कॉलिंग के माध्यम से गर्भवती महिलाओं से नियमित संपर्क करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल ऑफिसर, एएनएम, आशा और सीएचओ की जिम्मेदारियां तय करने को कहा, ताकि गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की समय पर जानकारी मिल सके।उन्होंने ग्राम प्रधानों और सामुदायिक नेताओं की भागीदारी सुनिश्चित कर एएनसी जांच और सुरक्षित मातृत्व को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही अनधिकृत निजी क्लीनिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और प्रत्येक पात्र बालिका को चिह्नित कर एचपीवी टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा। डेंगू सीजन को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी ब्लॉक प्रभारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से प्रतिदिन क्षेत्रीय सर्वे कराने और डेंगू संभावित क्षेत्रों में लोगों को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने को कहा। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सिंह, जिला सूचना/एमसीएच नोडल डॉ. कोमल एस. कोठारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एसडीएच रुड़की डॉ. एके मिश्रा, डॉ. अजय, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वसुंधरा समेत संबंधित ब्लॉक प्रभारी, अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
