
नई दिल्ली। मंगलवार को केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विशेष सत्र में लोकसभा के विस्तार से जुड़ा विधेयक लाए जाने की तैयारी है। 16 से 18 अप्रैल तक प्रस्तावित इस सत्र में लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा जा सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार प्रस्तावित व्यवस्था में 815 सीटें राज्यों को और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित की जाएंगी। यह कदम नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से भी जुड़ा माना जा रहा है, जिसके तहत लोकसभा में लगभग एक तिहाई यानी करीब 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।
प्रस्ताव के तहत संविधान के अनुच्छेद 82 में संशोधन कर परिसीमन की प्रक्रिया में बदलाव किया जा सकता है। मौजूदा प्रावधान के अनुसार 2026 की जनगणना के बाद ही अगला परिसीमन होना था, लेकिन नए प्रस्ताव में इस शर्त को हटाने की तैयारी है।
केंद्र सरकार महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन की बाध्यता से अलग करते हुए इसे जल्द लागू करने की योजना बना रही है। इसके लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण का प्रस्ताव है, ताकि 2029 के आम चुनाव से पहले इसे लागू किया जा सके।
प्रस्तावित बदलावों के अनुसार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की सीटों में भी वृद्धि हो सकती है। इसके लिए संविधान संशोधन आवश्यक होगा, जिसे संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से पारित करना होगा।


