
विकासनगर(आरएनएस)। सात खतों के केंद्र बिंदु माने जाने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्वांसी में चिकित्सक की तैनाती किए बिना कार्यरत डॉक्टर का स्थानांतरण किए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मंगलवार को उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया, विभाग का पुतला फूंका और अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक अस्पताल में नए डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन और तालाबंदी जारी रहेगी।
उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के चकराता ब्लॉक अध्यक्ष यशपाल रावत के नेतृत्व में जुटे ग्रामीणों ने सरकार पर जनजातीय और दुर्गम क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अस्पताल में पहले दो चिकित्सक तैनात थे। करीब डेढ़ वर्ष पहले महिला चिकित्सक का स्थानांतरण कर दिया गया था और अब एक सप्ताह पूर्व यहां कार्यरत एकमात्र डॉक्टर का भी बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के तबादला कर दिया गया। इसके बाद अस्पताल केवल फार्मासिस्ट के भरोसे संचालित हो रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि क्वांसी क्षेत्र अत्यंत दुर्गम है, जहां निजी चिकित्सकों की भी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस अस्पताल पर सात खतों के 20 हजार से अधिक लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं निर्भर हैं। डॉक्टर के अभाव में मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ रहा है और उन्हें उपचार के लिए 30 किलोमीटर दूर चकराता, 80 किलोमीटर दूर विकासनगर या 130 किलोमीटर दूर देहरादून जाना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गंभीर नहीं है। यदि जल्द डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा तथा अस्पताल की तालाबंदी जारी रहेगी। प्रदर्शन में उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के ब्लॉक अध्यक्ष यशपाल रावत, नरेश चौहान, बागु सिंह, रितिक रावत, राजेंद्र सिंह, भगत राम, विशाल राजगुरु, बहादुर सिंह, शर्मिला, अमीषा, कपिल, प्रीतम, विजेंद्र, शुभांगकर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
