
बागेश्वर(आरएनएस)। जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की निधि से किए गए विभिन्न खर्चों के मूल वैधानिक अभिलेखों के सत्यापन की मांग उठी है। जिलाधिकारी को सौंपे गए 223 पृष्ठ के प्रत्यावेदन में नियमावली के तहत तैयार प्रस्ताव, वार्षिक कार्ययोजना, बजट और लेखा-परीक्षा अभिलेखों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है। प्रत्यावेदन में कहा गया है कि किसी खर्च को केवल कार्य के नाम के आधार पर अनुचित नहीं बताया जा रहा, बल्कि यह सत्यापित किया जाना जरूरी है कि खर्च से पहले निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं। अधिवक्ता बसंत कुमार ने कहा कि नियम 5(2) के तहत खनन से प्रभावित लोगों और क्षेत्रों की जरूरतों के संबंध में संबंधित विभागों से परामर्श के बाद प्रस्ताव तैयार किए जाने हैं।इसके बाद न्यास की बैठक में प्रस्तावों का परीक्षण कर स्वीकृति, संशोधन या अस्वीकृति की व्यवस्था है। ऐसे में प्रत्येक खर्च के पीछे प्रस्ताव से लेकर स्वीकृति और भुगतान तक की पूरी अभिलेखीय प्रक्रिया का सत्यापन किया जाना चाहिए।प्रत्यावेदन में उपलब्ध अभिलेखों के हवाले से करीब 31.52 लाख रुपये जिलाधिकारी कार्यालय और बैठक कक्ष की साज-सज्जा, नवीनीकरण व जलरोधक कार्यों पर खर्च किए जाने का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा करीब 89.34 लाख रुपये के विभिन्न कार्यों और पुलिस परिसर की सुरक्षा दीवार से संबंधित खर्चों का भी मूल अभिलेखों के आधार पर परीक्षण कराने की मांग की गई है। यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि इन कार्यों का खनन प्रभावित क्षेत्रों और लोगों की जरूरतों से क्या संबंध था तथा इन्हें किस वार्षिक कार्ययोजना और बजट के तहत मंजूरी मिली। प्रत्यावेदन में सात दिन के भीतर कारणयुक्त निर्णय लेते हुए कार्रवाई से लिखित रूप से अवगत कराने की मांग की गई है। मांग पूरी न होने पर लोकतांत्रिक तरीके से जन-आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

