
बागेश्वर(आरएनएस)। फुलवाड़ी, फुलचौंरा, थलीधार, खाईधार, सापुली, गठण और ठांगधार के ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर शुक्रवार को जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। भराड़ी टैक्सी स्टैंड से निकली रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए कलक्ट्रेट पहुंची, जहां सभा की गई। कांग्रेस, उक्रांद, संघर्ष वाहिनी के कार्यकर्ताओं और पूर्व विधायक शेर सिंह गड़िया ने आंदोलन को समर्थन दिया। सभा के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र सैन्य बाहुल्य है, लेकिन सड़क नहीं होने से सेवानिवृत्त सैनिकों समेत ग्रामीणों को गांव पहुंचने के लिए करीब पांच किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। ढलान वाला रास्ता असुरक्षित है और अकेले आवागमन करना मुश्किल होता है। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2006 से लगातार सड़क की मांग उठाई जा रही है, लेकिन 20 साल बाद भी सड़क नहीं बन पाई है。
ग्रामीणों ने कहा कि सात मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में सड़क निर्माण को लेकर आश्वासन और घोषणाएं हुईं, लेकिन धरातल पर काम नहीं हुआ। वर्ष 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी और भगत सिंह कोश्यारी को ज्ञापन दिया गया। इसके बाद भुवन चंद्र खंडूड़ी, विजय बहुगुणा, हरीश रावत और त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में भी सड़क को लेकर प्रस्ताव और घोषणाएं हुईं।
वर्ष 2019 में विधायक बलवंत सिंह भौर्याल ने सड़क का उद्घाटन कराया। पांच दिसंबर 2019 को बुलडोजर से कुछ खुदाई के बाद यह कहकर मशीन वापस भेज दी गई कि अगले दिन काम शुरू होगा, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ। वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सड़क निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अब तक सड़क धरातल पर नहीं उतर सकी है।
फुलवाड़ी संघर्ष समिति के संरक्षक चरण सिंह बघरी, अध्यक्ष पूर्व कैप्टन रतन सिंह दानू, उपाध्यक्ष शेर सिंह दानू, गजेंद्र सिंह धामी, कोषाध्यक्ष मदन सिंह धामी, सचिव करम सिंह दानू, ग्राम प्रधान कुंदन सिंह बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य महेश गड़िया, जिला पंचायत सदस्य नीमा गड़िया समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

