
बागेश्वर(आरएनएस)। भैरूचौबट्टा के ग्रामीणों ने खड़िया खनन पट्टाधारक पर अनुबंध का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन शुरू होने से पहले उन्हें सुरक्षित स्थान पर मकान बनाकर बसाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब इस वादे से मुकर रहे हैं। खनन और लगातार हो रही बारिश के चलते उनके मकान खतरे की जद में आ गए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग की है। मंगल कुमार और दया प्रकाश के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि गांव में खड़िया खनन होने से उनके मकानों के आसपास की जमीन असुरक्षित हो गई है। खनन शुरू होने से पहले पट्टाधारक ने प्रभावित परिवारों को नए मकान बनाकर सुरक्षित स्थान पर बसाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब वह अपने वादे से पीछे हट रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी अधिकांश भूमि खनन की जद में आ चुकी है और लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण मकानों पर खतरा और बढ़ गया है।उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कराकर पट्टाधारक को प्रभावित परिवारों का सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास कराने के निर्देश देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जितेंद्र प्रसाद, जगदीश कुमार, अक्षय कुमार, अनिल कुमार, सूरज कुमार, जगदीश प्रसाद, रेनुका देवी, हेमा देवी और गीता देवी सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
