
हरिद्वार(आरएनएस)। जिला कार्यालय सभागार में सोमवार को आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से जुड़ी 90 शिकायतें और समस्याएं सामने आईं। इनमें से 48 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जनसुनवाई में भूमि विवाद, राशन कार्ड, बिजली, पेयजल, जलनिकासी और अतिक्रमण समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें आईं। सलेमपुर मेहदूद निवासी ज्ञानचंद ने अपनी खाली जमीन पर अवैध कब्जा कर कबाड़ रखने का आरोप लगाते हुए भूमि कब्जामुक्त कराने की मांग की। विकासखंड नारसन की ग्राम पंचायत हरजौलीजट के ग्राम प्रधान ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में इंटरलॉकिंग टाइल्स और सौंदर्यीकरण कार्य का कुछ लोग विरोध कर रहे हैं तथा निर्माण कार्य में लगे कर्मचारियों को धमकाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस सुरक्षा में निर्माण कार्य कराने की मांग उठाई। भगवानपुर क्षेत्र के 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पैतृक आम के बाग में अपने हिस्से की तैयार फसल जबरन तोड़े जाने की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना स्तर पर सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, भोगपुर निवासी अर्जुन कुमार ने बीएसएनएल में जनरेटर ऑपरेटर के रूप में कार्य करने के दौरान आठ माह से लंबित वेतन दिलाने की मांग की। कनखल निवासी उमा सिपाहा ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण रोकने और सड़क निर्माण कराने का प्रार्थना पत्र दिया। बहादराबाद निवासी तजेंद्र सिंह ने दौलतपुर क्षेत्र में जलभराव और गंगा कैनाल के बंधे पर संभावित कटाव का मुद्दा उठाते हुए ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने की मांग की। बिशनपुर कुंडी (झरड़ा अहतमाल) के घुमंतू एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों ने विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी। रानीपुर मोड़ निवासी नरेंद्र अरोड़ा ने शुभम विहार और द्वारिका विहार के पास एनएचएआई के अधूरे नाले के निर्माण को शीघ्र पूरा कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि बार-बार सामने आ रही शिकायतों का विशेष प्राथमिकता के साथ समाधान किया जाए। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक हो, वहां संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर जांच करें और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
