
विकासनगर(आरएनएस)। भूमि संरक्षण वन प्रभाग, कालसी के दैनिक श्रमिकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। आंदोलन के पहले दिन श्रमिकों ने विभाग और शासन पर लंबे समय से समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। श्रमिकों का कहना है कि वे कई वर्षों से विभाग में कार्यरत हैं, लेकिन बकाया वेतन, नियमित मानदेय और सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि कई बार ज्ञापन देने, अधिकारियों से वार्ता करने और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें भूख हड़ताल का सहारा लेना पड़ा। श्रमिकों ने मांग की कि रुका हुआ समस्त बकाया वेतन तत्काल जारी किया जाए, कार्य से हटाए गए श्रमिकों को दोबारा काम पर रखा जाए तथा सभी दैनिक श्रमिकों को प्रत्येक माह नियमित रूप से मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा उच्चतम न्यायालय के 11 नवंबर 2025 के आदेश के अनुरूप न्यूनतम 18000 मासिक मानदेय लागू करने और 25 फरवरी 2025 को गठित समिति से दैनिक श्रमिकों का सेवा विवरण तैयार कर जांच रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने की भी मांग उठाई गई। भूख हड़ताल पर बैठे श्रमिकों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक है। यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और संबंधित विभाग की होगी। भूख हड़ताल के प्रथम दिन अध्यक्ष बबलू गंभीर दास के नेतृत्व में दौलत सिंह, वीर सिंह, सुनील कुमार, गीता राम, अभिलाष, सोमपाल, सलीम, केसर नेगी, मोहन दास, पदमा, छुम्मा देवी, संजीव कुमार, करणे, शीला सहित बड़ी संख्या में दैनिक श्रमिक मौजूद रहे।
