
अल्मोड़ा। हवालबाग विकासखंड के ज्योली गांव में मौसमी बुखार और श्वसन संबंधी बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। शिविर में 42 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में लोग पिछले तीन से पांच दिनों से बुखार से पीड़ित पाए गए। विभाग ने ग्रामीणों से स्वयं दवा लेने से बचने और लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शिविर में जांच कराने पहुंचे 42 ग्रामीणों में से लगभग 20 से 25 लोगों ने पिछले तीन से पांच दिनों से हल्के अथवा मध्यम बुखार की शिकायत बताई। इनमें छह से सात मरीजों में खांसी और फेफड़ों में संक्रमण के लक्षण भी पाए गए। स्वास्थ्य टीम ने ऐसे मरीजों का चिकित्सकीय परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं और जरूरत के अनुसार आगे उपचार की सलाह दी।
शिविर में जांच कराने वालों में 30 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल थे। इसके अलावा 13 से 18 वर्ष आयु वर्ग के सात किशोर-किशोरियों में भी बुखार के लक्षण मिले। कुछ मरीजों में त्वचा संबंधी एलर्जी, गैस्ट्राइटिस तथा सामान्य चोटों की शिकायत भी सामने आई। गंभीर मरीजों का ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर परीक्षण भी किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को सलाह दी कि किसी भी प्रकार के बीमारी के लक्षण होने पर घर पर स्वयं उपचार न करें और बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाइयों का सेवन न करें। बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें तथा आशा कार्यकर्ता, एएनएम या सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित करें।
ग्रामीणों को ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) दवाइयों का स्वयं सेवन न करने, चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही दवा लेने तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने की सलाह भी दी गई। साथ ही बरसात के मौसम को देखते हुए नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने, व्यक्तिगत एवं आसपास की स्वच्छता बनाए रखने, खांसते और छींकते समय मुंह ढकने तथा स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन तिवारी ने बताया कि जनपद में मौसमी बुखार, खांसी एवं अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। आवश्यकता के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर लोगों को समय पर जांच, उपचार, दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।


