
रुद्रपुर(आरएनएस)। जिला पंचायत सदस्य प्रदेश संगठन की रविवार को आयोजित ऑनलाइन बैठक में जिला पंचायतों का बजट घटाए जाने पर सदस्यों ने गहरा आक्रोश जताया। साथ ही आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में विकास कार्यों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष भास्कर सम्मल की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदस्यों ने कहा कि राज्य सरकार ने 15वें वित्त आयोग के तहत जिला पंचायतों को केंद्रीय वित्त से मिलने वाली 15 प्रतिशत धनराशि को 16वें वित्त आयोग में घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होंगे। उन्होंने इस निर्णय पर रोष व्यक्त करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। बैठक में पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग एसओआर (शेड्यूल ऑफ रेट्स) निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई। सदस्यों का कहना था कि पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण सामग्री के परिवहन पर अधिक खर्च आता है, लेकिन विभागीय माप पुस्तिका और भुगतान में इसका समुचित प्रावधान नहीं होने से विकास कार्य प्रभावित होते हैं। सदस्यों ने जिला पंचायत सदस्यों के मानदेय में वृद्धि करने और विधायक निधि की तर्ज पर प्रत्येक जिला पंचायत सदस्य को समान रूप से विकास निधि उपलब्ध कराने की भी मांग की। बैठक में जिला योजना समिति में बाहरी जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप पर भी चिंता व्यक्त की गई। सदस्यों का कहना था कि जिला योजना समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में विधायक, सांसद और क्षेत्र पंचायत प्रमुख विकास कार्यों के लिए बजट की मांग करते हैं, जबकि जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र पंचायत की बैठकों में विशेष आमंत्रित सदस्य होने के बावजूद उन्हें कोई वित्तीय अधिकार या सहयोग नहीं मिलता। उन्होंने जिला योजना समिति में जिला पंचायत सदस्यों की प्राथमिक भूमिका सुनिश्चित करने और अनावश्यक हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की। बैठक में जिला योजना समिति के गठन में हो रही देरी पर भी रोष व्यक्त किया गया। प्रदेश अध्यक्ष भास्कर सम्मल ने सभी जिला पंचायत अध्यक्षों और संगठन के पदाधिकारियों से जिला पंचायतों के बजट में वृद्धि, वित्तीय अधिकारों के विस्तार और अन्य लंबित मांगों को लेकर सरकार के समक्ष प्रभावी पैरवी करने का आह्वान किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश संगठन लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। बैठक में राजेंद्र सिंह रागढ़, अंजलि जोशी, पूनम कैंतुरा, विजया कोरंगा, भास्कर बोरा, हुकुम भंडारी और चरणजीत सिंह चन्नी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

