
हरिद्वार(आरएनएस)। विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक संस्था शांतिकुंज के शताब्दी समारोह का विधिवत आगाज हो गया। बैरागी कैंप में रविवार को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वज वंदन करते हुए शांतिकुंज की संस्थापिका मां भगवती देवी शर्मा और अखंड दीपक के शताब्दी समारोह का शुभारंभ किया। देश-विदेश से आए शांतिकुंज के सैकड़ों साधकों की मौजूदगी में यह समारोह आध्यात्मिक चेतना और भारतीय संस्कृति का विराट उत्सव बन गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शांतिकुंज के प्रयासों को जमकर सराहा। उन्होंने कहा कि यह समारोह मां भगवती देवी शर्मा के तपस्वी जीवन, निःस्वार्थ सेवा और अखंड साधना के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता की भावात्मक अभिव्यक्ति है। उनका जीवन त्याग, बलिदान और साधना की वह ज्योति है, जिसने असंख्य लोगों को नई दिशा दी। इस अवसर पर विधायक मदन कौशिक, राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी, दर्जाधारी देशराज कर्णवाल, शोभाराम प्रजापति, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, भाजपा जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र सहित देश-विदेश से आए साधक मौजूद रहे। सीएम बोले-निरंतर उत्साहवर्धन करता है वेद मंत्र मुख्यमंत्री ने कहा कि गायत्री परिवार से मिला वेद मंत्र जीवन में ऊर्जा, प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रदान करता है। उन्होंने देवभूमि में पहुंचे लगभग 40 हजार साधकों का स्वागत करते हुए कहा कि शांतिकुंज का दिया वेद मंत्र निरंतर उत्साहवर्धन करता है और इसे साधना मानकर जीवन पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। सेवा, साधना और संस्कार का संगम बना: शेखावत केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सेवा, साधना और संस्कार का संगम यह समारोह नवयुग निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि विश्व की महान सभ्यताओं का निर्माण सामूहिक चरित्र निर्माण से संभव हुआ है। जब समाज के लोग नैतिक मूल्य, अनुशासन और सेवा भाव को अपने जीवन का आधार बनाते हैं, तभी सशक्त संस्कृति और स्थायी सभ्यता का निर्माण होता है। यह समारोह समाज में इसी सामूहिक चेतना को जाग्रत करने का प्रयास है।

