Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • हर 15 मिनट में एक महिला के साथ दुष्कर्म
  • राष्ट्रीय

हर 15 मिनट में एक महिला के साथ दुष्कर्म

RNS INDIA NEWS 13/02/2021
rns featured image new

सुरक्षा पर खर्च हो रहे मात्र 102 रुपये

नई दिल्ली (आरएनएस)। साल 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया दुष्कर्म ने भले ही देश को हिला दिया हो लेकिन आज भी देश में महिला सुरक्षा को लेकर उठाए जा रहे कदम चिंताजनक हैं। महिला सुरक्षा पर किए जा रहे खर्च की हालत अभी भी सुधरी नहीं है। वैश्विक विश्लेषण संस्था ऑक्सफेम ने किया है।
संस्था की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली में चलती बस में हुई उस खौफनाक घटना के बाद हेल्पलाइन, क्राइसिस सेंटर से लेकर निर्भया फंड तक बना लेकिन इन सबके भाद भी देश में हर 15 मिनट में एक बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना हो रही है। ऑक्सफेम में जेंडर जस्टिस की विशेषज्ञ प्रमुख अमिता पित्रे ने कहा कि बीते तीन सालों में महिला सुरक्षा पर औसतन 30 रुपये ही खर्च किए जा रहे हैं। करीब आठ करोड़ महिलाएं या बेटियां यौन हिंसा का सामना कर रही हैं। उन्होंने आगे बताया कि उनकी सुरक्षा के लिए प्रति महिला महज 102 रुपये ही मिल रहे हैं। ये राशि काफी कम है। इधर कोरोना वायरस की वजह से महिलाओं के साथ हिंसा और बेरोजगारी के मामले बढ़ गए हैं। इसके बाद भी महिलाओं को लेकर केंद्र सरकार ने 2021-22 के बजट में मामूली बढ़त ही की है। सरकार ने भले सालों पहले निर्भया फंड जरूर बनाया था लेकिन ये फंड देश की 130 करोड़ में से आधी आबादी के लिए कम है। महिलाओं के लिए आवंटित की गई राशि से राज्यों ने फॉरेंसिक लैब को बेहतर बनाने और आपात प्रतिक्रिया सेवा में सुधार में लगाया लेकिन इससे महिलाओं को कुछ खास फायदा नहीं हुआ। सरकारी अपराध डाटा के अनुसार, देश में साल 2018 में दुष्कर्म के 34,000 मामले दर्ज हुए। इसके पहले भी इतने मामले सामने आए थे। डाटा के मुताबिक, इन मामलों में 85 फीसदी पर आरोप तय हुए लेकिन महज 27 फीसदी में सजा हुई। देश में मौजूदा समय में महिलाओं की त्वरित मदद के लिए 600 वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर काम कर रहे हैं।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: राशिफल 13 फरवरी
Next: 50000 डॉलर का मार्क छूने के करीब बिटकॉइन

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

दिल्ली हाई कोर्ट ने नीट परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर प्रतिबंध बरकरार रखा

RNS INDIA NEWS 19/06/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

भांजी से बात करने की खौफनाक सजा, मामाओं ने बीच सड़क पर युवक पर चढ़ा दी कार

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-13 at 18.54.51
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आईएमए की पासिंग आउट परेड संपन्न, 515 कैडेट बने सैन्य अधिकारी

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 26 जून
  • कुंभ और कांवड़ से पहले एनएचएआई को अल्टीमेटम
  • आधार कार्ड का दुरुपयोग कर 45 हजार का लोन स्वीकृत कराया
  • महिला कोतवाली और चौखुटिया पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान
  • बालिकाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने पर जोर, स्कूलों में नशा विरोधी काउंसलिंग के निर्देश
  • महापौर व पार्षदों ने लिया दो दिवसीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.