

रुद्रप्रयाग(आरएनएस)। सभागार में ब्लॉक प्रमुख विनीता चमोली की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित बीडीसी बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक शुरू होते ही जिला स्तरीय अधिकारियों की अनुपस्थिति और पिछले प्रस्तावों पर कार्रवाई न होने से आक्रोशित जनप्रतिनिधियों ने अजय पुंडीर के नेतृत्व में सदन का बहिष्कार कर दिया और वेल (लॉबी) में धरने पर बैठ गए। साथ ही काम पूरा होने के बाद भी भुगतान न होने का मुद्दा उठाया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जब जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं हैं तो प्रस्तावों का कोई औचित्य नहीं रह जाता। बैठक में नई ग्रामीण रोजगार योजना वीबीजी रामजी के तहत दुर्गम क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या होने, काम पूरा होने के बाद भी भुगतान नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। जिला पंचायत सदस्य घ्यालू लाल ने बजट आवंटन न होने पर चिंता जताते हुए कहा कि आपदा के बाद ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। वहीं पाला कुराली की प्रधान ममता देवी ने प्रधानमंत्री के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम से सुर्खियों में आए अपने गांव के स्कूल की बदहाली बयां करते हुए कहा कि लोनिवि की लापरवाही से विद्यालय का आंगन और दीवारें चार वर्षों से क्षतिग्रस्त हैं जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। भुनाल गांव की प्रधान सीमा देवी ने कहा कि उनके गांव में अभी तक नेटवर्क नहीं है और पांच कार्य हो चुके हैं लेकिन भुगतान नहीं हुआ है। बक्सीर की प्रधान गीता देवी ने कहा कि पूर्व में दिए गए प्रस्तावों पर आज तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया। जनप्रतिनिधियों ने सीडीओ रुद्रप्रयाग को ज्ञापन सौंपकर वीबीजी रामजी योजना में कार्य न करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन में शंभू प्रसाद कोठारी, जगदीश सिंह और नरेंद्र पंत सहित कई प्रधानों ने क्षतिग्रस्त स्कूलों, पेयजल किल्लत और निलंबित शिक्षकों के स्थान पर नई नियुक्ति न होने जैसे गंभीर मुद्दे उठाए। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर विकास कार्यों और मनरेगा भुगतान को लटकाया जा रहा है। आक्रोश जताने वालों में क्षेत्र पंचायत सदस्य शंभू प्रसाद कोठारी, प्रधान देवल नरेंद्र पंत, धनकुराली प्रधान नरेंद्र सिंह राणा, प्रधान चोपड़ा दरम्यान सिंह सहित ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।


