
अल्मोड़ा। ग्रामीण समाज कल्याण समिति (ग्रास) ने नाबार्ड की जलागम विकास निधि के अंतर्गत दोसाद जलागम स्वायत्त सहकारिता मासर के सहयोग से मासर, छब्बीसा और चिललगांव में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया। अभियान के तहत वन पंचायतों एवं बंजर भूमि में तीन हजार पौधे रोपित किए गए, जबकि किसानों को फलदार पौधों के साथ कृषि उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। संस्था के अनुसार वन पंचायत क्षेत्रों में तेजपत्ता, जामुन, बांज, मणिपुरी बांज, क्वैराल, भीमल, उत्तीस और दूब घास का रोपण किया गया। इनमें तेजपत्ता और जामुन किसानों की आय बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण में सहायक होंगे, जबकि भीमल, क्वैराल, बांज और उत्तीस जैसे पौधे पशुपालकों को हरा चारा उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन और बकरी पालन को बढ़ावा देंगे। वन पंचायत के 20 हेक्टेयर क्षेत्र में नेपियर घास भी लगाई गई है, जिससे पशुओं को पौष्टिक हरा चारा मिलेगा। किसानों की मांग के आधार पर हाइब्रिड आम की लंगड़ा, मल्लिका और बॉम्बे किस्मों के साथ लाल अमरूद और बारहमासी कागजी नींबू सहित करीब 1100 फलदार पौधे भी वितरित किए गए। जलागम विकास निधि के तहत किसानों को दरांती, रैक, कुदाल सहित अन्य कृषि उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा पशुपालन, पशुओं के पोषण, देखभाल और रोग नियंत्रण पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया तथा पशुओं के स्वास्थ्य सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए मिनरल मिक्सचर, कैल्शियम और डी-वॉर्मिंग दवाइयों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में संस्थाध्यक्ष गोपाल सिंह चौहान, क्षेत्रीय प्रसार अधिकारी पशुधन दिनेश चंद्र जोशी, पशुपालन विभाग के पंकज पंत, ग्रास के अधिशासी निदेशक भूपेंद्र चौहान, ग्राम प्रधान लीला देवी, जलागम स्वायत्त सहकारिता अध्यक्ष जीवन सिंह, कोषाध्यक्ष हेमा देवी सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।

