
अल्मोड़ा। कसार देवी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) मंगलवार को आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन सहायक खंड विकास अधिकारी ने किया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, विशेषज्ञों, कंपनी के निदेशक मंडल और शेयरधारकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम की शुरुआत उद्यम दर्जा राज्यमंत्री, खंड विकास अधिकारी, विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञ, सहायक कृषि अधिकारी, सहायक उद्यान अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ, सहायक विकास अधिकारी सहकारिता, पशु चिकित्सा अधिकारी, वीबीजी राम से उप कार्यक्रम अधिकारी, आरएसटी निदेशक, आरबीआई टीम, एनआरएलएम स्टाफ, निदेशक मंडल और शेयरधारकों के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुई।
बैठक के दौरान विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की विशेषज्ञ कुशाग्रा जोशी ने उन्नतशील बीजों की जानकारी दी। केवीके विशेषज्ञ राजेश कुमार ने कृषि संबंधी जानकारी दी, जबकि सहायक कृषि अधिकारी यूसरा ने कृषि विभाग की योजनाओं के बारे में बताया। सहायक उद्यान अधिकारी अपर्णा टम्टा ने उद्यान विभाग से संबंधित जानकारी दी। वीबीजी राम से उप कार्यक्रम अधिकारी पंकज मेहरा ने मनरेगा की नई योजनाओं, सहायक विकास अधिकारी सहकारिता दिव्या ने सहकारिता तथा आरएसटी निदेशक ने विभिन्न प्रशिक्षणों की जानकारी दी। आरबीआई टीम की पूजा ने विभिन्न प्रकार के लाइसेंस के संबंध में जानकारी दी। बीएमएम ने एफपीसी से संबंधित जानकारी साझा की।
एफपीओ की सीईओ दिव्या नेगी ने कंपनी के पिछले वित्तीय वर्ष के कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा प्रस्तुत की। बैठक में आय-व्यय और वित्तीय स्थिति, किसान हितैषी कार्यों, व्यावसायिक गतिविधियों तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में किसानों की आय और उत्पादकता बढ़ाने, कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन, मूल्य संवर्धन, सामूहिक खरीद एवं बिक्री तथा एफपीओ को सशक्त और आत्मनिर्भर व्यावसायिक संस्था के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। शेयरधारक सदस्यों ने कंपनी की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं को लेकर अपने सुझाव दिए तथा अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सदस्यों, अधिकारियों और सहयोगियों के सहयोग, मार्गदर्शन एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया गया। कसार देवी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की यह वार्षिक आम बैठक किसानों को संगठित कर उन्हें बेहतर बाजार, मूल्य और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही।

