
अल्मोड़ा। कोसी स्थित जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान की आवास विकास कॉलोनी गोलना करड़िया में स्थित एक जर्जर इमारत स्थानीय लोगों के लिए खतरे का कारण बन गई है। भवन लंबे समय से क्षतिग्रस्त अवस्था में है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और यह कभी भी भरभराकर गिर सकता है। इससे आसपास रहने वाले परिवारों के साथ-साथ राहगीरों की जान को भी खतरा बना हुआ है। चिंता की बात यह भी है कि जर्जर भवन के निकट एक विद्यालय स्थित है, जहां पढ़ने वाले अधिकांश छात्र-छात्राएं प्रतिदिन इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार इस संबंध में पहले भी जीबी पंत पर्यावरण संस्थान के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि किसी अनहोनी की प्रतीक्षा करने के बजाय भवन की सुरक्षा को लेकर तत्काल निर्णय लिया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भवन का शीघ्र स्थलीय निरीक्षण कर उसकी सुरक्षा स्थिति का आकलन कराया जाए। यदि भवन मरम्मत योग्य है तो तत्काल उसकी मरम्मत कराई जाए और यदि वह पूरी तरह जर्जर एवं असुरक्षित है तो नियमानुसार उसे ध्वस्त कर संभावित खतरे को समाप्त किया जाए। समाजसेवी एवं रेडक्रॉस के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज सनवाल, पार्षद अर्जुन सिंह बिष्ट, पार्षद विजय भट्ट तथा रेडक्रॉस यूथ सचिव मनोज भंडारी ‘मंटू’ ने कहा कि बच्चों, स्थानीय परिवारों और राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेना चाहिए, ताकि किसी संभावित जनहानि से पहले ही आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

