
अल्मोड़ा। नेत्रदान पखवाड़े के तहत जनपद में लोगों को नेत्रदान और नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा और उप जिला चिकित्सालय रानीखेत में जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने नेत्रदान के महत्व की जानकारी देने के साथ ही लोगों की आंखों की जांच कर उन्हें नेत्र रोगों से बचाव के उपाय बताए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश पंत के नेतृत्व में आयोजित शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि मृत्यु के बाद नेत्रदान कर किसी दृष्टिबाधित व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है। नेत्रदान को एक महान सामाजिक कार्य बताते हुए लोगों से इस पुनीत कार्य के लिए आगे आने की अपील की गई।
शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकिता कुमारी और डॉ. जीवन ने 50 लोगों की आंखों की जांच की। इस दौरान प्रतिभागियों को मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, आंखों के संक्रमण और दृष्टि संबंधी अन्य समस्याओं की पहचान एवं उपचार के बारे में जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों तथा लंबे समय तक मोबाइल और कंप्यूटर का उपयोग करने वाले लोगों को नियमित नेत्र परीक्षण कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आंखों की छोटी-सी समस्या को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि समय पर उपचार से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
नोडल अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा ने कहा कि आंखों में धुंधलापन, दर्द, लालिमा या लगातार पानी आने जैसी समस्याएं होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने संतुलित आहार, स्वच्छता और स्क्रीन टाइम सीमित रखने को भी नेत्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया।
शिविर के दौरान लोगों से समय-समय पर आंखों की जांच कराने और नेत्रदान के प्रति जागरूक होकर समाजहित में योगदान देने की अपील की गई। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि जनपद में भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

