
अल्मोड़ा। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 19 लाख रुपये का कर्मचारी ऋण स्वीकृत कराने के मामले में अल्मोड़ा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वेतन पर्ची के सहारे गारंटर बनने वाले वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले का मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार होकर न्यायिक अभिरक्षा में है, जबकि अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार 4 नवंबर 2025 को उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, अल्मोड़ा के शाखा प्रबंधक समीर भटनागर की तहरीर पर कोतवाली अल्मोड़ा में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि हिमांशु कुमार ने कर्मचारी ऋण योजना के तहत कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 19 लाख रुपये की ऋण सीमा स्वीकृत कराई। विवेचना के दौरान फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की पुष्टि होने पर मामले में अन्य धाराएं भी बढ़ाई गईं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके के निर्देश पर वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक हरबंस सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी भावना कैंथोला के पर्यवेक्षण में कोतवाली अल्मोड़ा पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
जांच में सामने आया कि राजू जीना ने स्वयं को राजू कुमार पुत्र रामचंद्र बताकर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वेतन पर्ची का उपयोग किया तथा मुख्य आरोपी हिमांशु कुमार के ऋण प्रकरण में गारंटर की भूमिका निभाई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे मामले में आरोपी बनाया गया।
लगातार तलाश के बाद पुलिस ने सोमवार को रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के रमपुरा से आरोपी राजू कुमार उर्फ राजू जीना को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी हिमांशु कुमार को पूर्व में ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
गिरफ्तारी टीम में चौकी प्रभारी बेस उपनिरीक्षक अनिल जोशी और कांस्टेबल सुंदर लाल बारकोटी शामिल रहे।

