
अल्मोड़ा। साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता को लेकर अल्मोड़ा पुलिस द्वारा चलाए गए एक माह के विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के के निर्देशन में संचालित अभियान के दौरान शिकायतों के निस्तारण, साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, पीड़ितों की धनराशि वापसी और जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त साइबर संबंधी शिकायतों में 82.59 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया गया है। इस वर्ष साइबर धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों पर एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से 34 और टिपलाइन से प्राप्त शिकायतों पर आठ एफआईआर दर्ज की गई हैं।
अभियान के दौरान झारखंड, राजस्थान और हरियाणा से तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जिले के छह मामलों का खुलासा किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल जेएमआईएस पोर्टल पर अपडेट करने के बाद नौ अंतरराज्यीय लिंक भी प्राप्त हुए हैं।
एमआरएम पोर्टल पर प्राप्त अनुरोधों पर कार्रवाई करते हुए साइबर धोखाधड़ी के 67 मामलों में 2.67 लाख रुपये की धनराशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई गई। पिछले एक माह में धनराशि वापसी का प्रतिशत 36.75 से बढ़कर 81.65 प्रतिशत हो गया है।
प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से संदिग्ध मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का सत्यापन भी किया गया। इस दौरान नौ संदिग्ध मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए, जबकि 41 संदिग्ध म्यूल बैंक खातों का सत्यापन किया गया।
अभियान के तहत पुलिस और साइबर सेल की टीमों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों तथा ग्राम सभाओं में लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया। वहीं सोशल मीडिया के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, ओटीपी, केवाईसी अपडेट और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे साइबर अपराधों से बचाव संबंधी जानकारी साझा की गई, जिसे 13.9 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच मिली।

