
अल्मोड़ा। नगर निगम के पर्यावरण मित्रों की हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हो गई। कलेक्ट्रेट में पर्यावरण मित्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी अंशुल सिंह से भेंट कर अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया, जिसके बाद समाधान का आश्वासन मिलने पर हड़ताल खत्म करने की घोषणा की गई। बताया गया कि पिछले दिनों सफाई को लेकर पर्यावरण मित्रों और नगर निवासी एक व्यक्ति के बीच विवाद हो गया था। पर्यावरण मित्रों ने संबंधित व्यक्ति पर उत्पीड़न और अभद्रता का आरोप लगाया था। इस संबंध में देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने नगर निगम प्रशासन से शिकायत भी की थी। आरोप है कि शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने से आक्रोशित पर्यावरण मित्र नगर निगम परिसर में धरने पर बैठ गए थे और शुक्रवार से हड़ताल शुरू कर दी थी। इसके कारण नगर में सफाई व्यवस्था प्रभावित रही और कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लग गए। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सफाई कर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण मित्र नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन की ओर से सकारात्मक सहयोग दिया जाएगा। महापौर अजय वर्मा और नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा की मौजूदगी में उत्तराखंड देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ के महामंत्री एवं मुख्य पर्यावरण पर्यवेक्षक राजपाल पंवार ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। महापौर अजय वर्मा ने कहा कि नगर की स्वच्छता नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। इस दौरान जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को नगर के संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खुले में कूड़ा डालने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने नगरवासियों से भी अपील की कि वे नगर की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें, खुले में कूड़ा न डालें और पर्यावरण मित्रों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार रखें।


