
उत्तरकाशी(आरएनएस)। आपदा प्रभावित धराली के प्रभावित परिवारों को दोबारा बसाने के लिए भू-वैज्ञानिकों और राजस्व विभाग की ओर से भूमि चिह्निकरण किया जा रहा है। संयुक्त टीम की ओर से ग्रामीणों के साथ धराली गांव के सात ताल क्षेत्र व अग्यारी और पछयारी तोक में 59 प्रभावित परिवारों के भवन निर्माण के लिए भूमि चिह्नित की गई है। इसमें पांच परिवारों के लिए जनपद मुख्यालय के समीप बड़ेथी में भूमि चिह्नित की जाएगी। गत वर्ष अगस्त माह में खीर गंगा में आई आपदा के कारण धराली में कई भवन, होटल और होमस्टे जमींदोज हो गए थे। उसके बाद से आपदा प्रभावित लगातार उनके पुर्नवास की मांग कर रहे थे। जिला प्रशासन की ओर से आपदा प्रभावित 115 लोगों की सूची तैयार की गई। उसके बाद ग्रामीणों से उनके पुनर्वास के लिए भूमि चयन के संबंध में पूछा गया। इस पर कई ग्रामीणों ने धराली के विभिन्न तोकों में पुनर्वास के लिए भूमि चयनित करने की मांग की गई। जिला प्रशासन की ओर से इस सप्ताह भू-वैज्ञानिक और राजस्व विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ धराली के सात ताल क्षेत्र और अग्यारी और पछयारी नामक तोक में भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान 59 परिवारों के लिए भूमि चिह्नित की गई। सहायक भू वैज्ञानिक प्रदीप कुमार ने बताया कि इससे पूर्व अप्रैल माह में 23 परिवारों के लिए धराली के आसपास भूमि चिह्नित की गई थी। उनमें से कई लोगों ने भवन निर्माण शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि अन्य शेष प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए उनकी सहमति के अनुसार ही भूमि का निरीक्षण कर चयन किया जाएगा। इस मौके पर राजस्व उपनिरीक्षक महावीर नौटियाल, उमेश पंवार आदि मौजूद रहे।
