
अल्मोड़ा। जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना जिले की कृषि व्यवस्था में प्रभावी बदलाव लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए संबंधित विभाग समन्वित और लक्ष्य आधारित दृष्टिकोण से कार्य करें। उन्होंने कहा कि कृषि विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले उन क्षेत्रों की पहचान जरूरी है, जहाँ उत्पादन बढ़ाने की वास्तविक संभावना हो। इसके लिए भूमि की प्रकृति, सिंचाई के साधन, फसल चक्र और स्थानीय परिस्थितियों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। बैठक में पानी की कमी, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा, तारबाड़ व्यवस्था और फसल गहनता बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग, नवाचारों को अपनाने तथा नई तकनीक को जमीन पर उतारने के लिए किसानों और विभागीय कर्मचारियों के प्रशिक्षण की रूपरेखा तैयार की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जनपद में एक-दो स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आधुनिक कृषि मॉडल तैयार किए जाएँ, ताकि उसके परिणामों के आधार पर योजना का व्यापक विस्तार किया जा सके। अंशुल सिंह ने स्पष्ट किया कि धन-धान्य योजना का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है, जिसके लिए परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनानी होगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार पंत, सहायक निदेशक मत्स्य अवनीश देव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी योगेश अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

