

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार सुबह सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर परिवहन, शिक्षा, औद्योगिक विकास, वन विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण जैसे क्षेत्रों पर पड़ेगा।
कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम निर्णय
1. परिवहन विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड मोटर यान (संशोधन) नियमावली-2026 को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी।
परिवहन विभाग में पूर्व में सृजित पदों के सापेक्ष वर्दी निर्धारण को लेकर भी अनुमोदन प्रदान किया गया। अब पुलिस विभाग के चालकों की तरह प्रवर्तन चालकों की वर्दी भी निर्धारित की गई है।
2. कुंभ मेला-2027 को लेकर हरिद्वार में होने वाले स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक करोड़ रुपये तक के कार्य मेलाधिकारी तथा पांच करोड़ रुपये तक के कार्य आयुक्त गढ़वाल मंडल द्वारा स्वीकृत किए जा सकेंगे। पांच करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों के लिए पूर्व की भांति शासन से स्वीकृति लेनी होगी।
3. उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली-2026 में संशोधन को मंजूरी दी गई।
सैनिकों से संबंधित बढ़ते मामलों को देखते हुए अब जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पदेन सदस्य होंगे। इसके अलावा निःशुल्क विधिक सेवा के दायरे में एसिड अटैक पीड़ितों को भी शामिल किया गया है।
4. औद्योगिक विकास विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड उपखनिज परिहार नियमावली-2023 में संशोधन करते हुए खनिज पर निर्धारित रॉयल्टी दर 7 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई।
5. पूर्व में पारित आबकारी नीति के तहत छह प्रतिशत वैट दर निर्धारित की गई थी। उसी के अनुरूप वाणिज्य कर विभाग की नियमावली में संशोधन प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
6. परिवहन विभाग को 250 बसें खरीदने की अनुमति दी गई।
7. जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होने के कारण परिवहन विभाग को पहले स्वीकृत 100 बसों के स्थान पर अब 109 बसें खरीदने की अनुमति दी गई।
8. उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली-2016 में संशोधन को मंजूरी दी गई।
वन दरोगा पद के लिए शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक कर दी गई है। वन दरोगा की आयु सीमा 21 से 35 वर्ष तथा वन आरक्षी की आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है।
9. उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम-2025 में संशोधन को मंजूरी दी गई।
कक्षा 1 से 8 तक संचालित अल्पसंख्यक संस्थाओं की संबद्धता अब जिला स्तरीय शिक्षा समिति अथवा शासन द्वारा निर्धारित सक्षम अधिकारी से होगी, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के संस्थानों को विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्धता लेनी होगी।
10. कार्मिक विभाग के अंतर्गत विभिन्न विभागों में एकल संवर्ग की प्रतीक्षा सूची संबंधी कार्रवाई के लिए स्पष्ट एसओपी तैयार करने को मंजूरी दी गई।
11. विशेष शिक्षा शिक्षकों की भर्ती हेतु उत्तराखंड विशेष शिक्षा शिक्षक नियमावली में शैक्षिक योग्यताओं के निर्धारण को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी।
12. उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली-2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई।
इससे पूर्व सृजित 62 पदों पर कार्यरत शिक्षकों के प्रमोशन आदि का रास्ता साफ होगा।
13. लोक निर्माण विभाग में 2023 में हुई जेई भर्ती के दौरान दिव्यांग श्रेणी के सात पद रिक्त न रखे जाने के मामले में संबंधित पदों को वर्ष 2023 से सृजित मानने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
14. वर्कचार्ज कर्मियों को पेंशन दिए जाने और उनकी सेवा गणना संबंधी शासनादेश पर उच्च न्यायालय द्वारा जारी स्थगन आदेश को मंत्रिमंडल के संज्ञान में लाया गया।
15. उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली-2025 के अंतर्गत सूचीबद्ध ‘डी’ श्रेणी के ठेकेदारों की निविदा सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये कर दी गई।
16. मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना को अब 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में भी लागू किया जाएगा।
17. वन विभाग की ‘उत्तराखंड वन सीमांत मौनपालन मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव-हाथी संघर्ष न्यूनीकरण नीति’ को मंजूरी दी गई।
इस नीति का उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना, लोगों की आय बढ़ाना और मानव-हाथी संघर्ष को कम करना है।

