
पौड़ी(आरएनएस)। देवप्रयाग में ऐतिहासिक अलकनंदा पैदल पुल के पुनर्निर्माण का काम इन दिनों प्रगति पर है। यह पुल टिहरी और पौड़ी जनपद के सैकड़ों गांवों को आपस में जोड़ता है।दरअसल करीब 150 साल पुराना यह पुल बेहद जर्जर हो चुका था और दिसंबर 2022 में प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से इसे बंद कर दिया था। अब विश्व बैंक की मदद से मिले 5.83 करोड़ के बजट से इसका काम तेज गति से किया जा रहा है। यह पुल देवप्रयाग और आसपास के पूरे इलाके के लिए लाइफलाइन है। बदरी-केदार पैदल यात्रा के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इसी पुल से देवप्रयाग संगम और रघुनाथ मंदिर के दर्शन करते हुए गंगोत्री-यमुनोत्री जाते थे। इसके अलावा, देवप्रयाग नगर के धनेश्वर वार्ड और पौड़ी जिले के करीब 35 गांवों के ग्रामीणों के आने-जाने का यह एकमात्र मुख्य जरिया है। अब इस पुल को आधुनिक और सुरक्षित बनाया जा रहा है। नया पुल मजबूत स्टील ट्रस्ट डिजाइन पर तैयार हो रहा है जिसकी लंबाई 84 मीटर और चौड़ाई 2.70 मीटर होगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल के दोनों तरफ 8 मीटर ऊंची मजबूत जाली भी लगाई जा रही है। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विवेक सेमवाल का कहना है कि पुल निर्माण के कार्य में तेजी लाई जा रही है। निर्माण पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2027 तक रखा गया है। इस पुल के बनने से पूरे क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
